कोतवाली क्षेत्र के बेगमगंज मोहल्ले में कब्रिस्तान में दफन किए गए युवक के शव को आठ महीने बाद बुधवार को पुलिस ने बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
नगर के मखदूमशाह अढ़न मोहल्ला निवासी सैयद सरदार हुसैन का आरोप है कि उनके बेटे सैयद जफर अब्बास की उसके ससुराल वालों ने जहर देकर हत्या की है।
शव 21 जून 2015 को बेगमगंज इमामबाड़े के पास कब्रिस्तान में दफन किया गया था। बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए उन्होंने कानपुर के नौबस्ता थाने से लेकर पुलिस अफसरों का चक्कर काट रहे थे।
आईजी के निर्देश पर हुई जांच में जफर की हत्या की पुष्टि हुई तो 12 फरवरी को नौबस्ता थाने की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर किया।
सैयद सरदार हुसैन कानपुर में न्यू सरदार सरदार ट्रांसपोर्ट कंपनी चलाते हैं। पिछले 10 साल से ट्रांसपोर्ट का काम उनका बेटा जफर अब्बास देख रहा था।
जफर वहां अपनी पत्नी नफीसा के साथ नौबस्ता थाना क्षेत्र के खान मंजिल मछरिया में रहता था। तीन साल से जफर का साला नगर कोतवाली क्षेत्र के बलुआघाट मोहल्ला निवासी फराज भी उन्हीं के साथ रहने लगा था।
किसी बात को लेकर जफर की उसकी पत्नी और साले से विवाद हो गया था। 20 जून को घर पर जफर की तबियत बिगड़ने और फिर उसकी मौत की खबर का फोन आया।
पत्नी और साला शव लेकरन 21 जून को जौनपुर आए और बेगमगंज सदर इमामबाड़ा स्थित कब्रिस्तान में दफन करा दिया। घटना के 15 दिन बाद मृतक की पत्नी नफीसा झगड़ा कर के मायके चली गई। उसी दिन से सरदार को बेटे की हत्या किए जाने का शक हुआ।
उन्होंने ससुराल वालों से गहराई से पूछताछ की तो शक गहरा होता गया। उन्होंने कानपुर के नौबस्ता थाने में तहरीर देकर बेटे की हत्या की आशंका जताई। लेकिन पुलिस ने उन्हें भगा दिया।
मकान मालिकन के बयान की वीडियो उन्होेंने कानपुर के आईजी आशुतोष पांडेय को दिखाया तो उन्होंने कन्नौज के एसपी को जांच का निर्देश दिया।
उनके निर्देश पर वहां के सीओ नगर रणवीर सिंह ने जांच कर रिपोर्ट दी जिसमें हत्या की पुष्टि हुई। सीओ की रिपोर्ट पर 12 फरवरी को कानपुर के नौबस्ता थाने की पुलिस ने मृतक
जफर की पत्नी नफीसा, साला फराज समेत ससुराल के अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया। साथ ही पुलिस ने बुध्ावार को जौनपुर पहुंच कर कब्र खुदवाया आैर शव को पीएम के लिए भ्ाेजा।