खेतासराय। स्थानीय थाना क्षेत्र के अहिरोपरशुरामपुर गांव के युवक ने पट्टीदारों को फंसाने के लिए खुद के अपहरण होने का ऐसा ड्रामा रचा कि घर वाले भी परेशान हो उठे। लखनऊ के एक थाना में पहुंचे युवक से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो सच्चाई उजागर हुई। रात में ही परिजन लखनऊ जाकर उसे लेकर घर पहुंचे।
अहिरोपरशुरामपुर गांव निवासी जगदीश के पुत्र अविनाश का पट्टीदारों से हुए विवाद में पुलिस ने दोनों पक्षों से शांतिभंग में चालान कर दिया था। शाहगंज तहसील से जमानत कराने के बाद अविनाश शुक्रवार को शाहगंज जाने के लिए घर से यह कहकर निकला था कि वह वकील को पैसा देने जा रहा है। वह शाहगंज से लखनऊ चला गया। वहां महानगर थाने में जाकर पुलिस को मनगढ़ंत कहानी बताया कि शाहगंज से कुछ लोग उसका चार पहिया वाहन से अपहरण कर लिए थे। लखनऊ में एक जगह जब अपहरणकर्ता चाय पीने दुकान पर रुके तो वह मौका पाकर वहां से भाग लिया। उसकी कहानी पुलिस के गले नहीं उतरी तो वहां की पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की। युवक ने पुलिस के सामने सच्चाई बयां कर दी। देर शाम महानगर की पुलिस ने खेतासराय पुलिस को इस मामले की जानकारी दी तो परिजन उसे लेने लखनऊ रवाना हो गए। सुबह परिजन अविनाश को लेकर खेतासराय थाने पहुंचे तो उसने पुलिस और परिजनों के सामने बताया कि उसने पट्टीदारों को फंसाने के लिए खुद के अपहरण की कहानी रची थी।