श्रीमदद्भागवत कथा में शामिल महिलाएं। आयोजक
जौनपुर। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ खासनपुर स्थित विवाह मैरेज लॉन में शुक्रवार की शाम को हुआ। पहले दिन कथाव्यास पं. रजनीकांत द्विवेदी ने भागवत कथा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान के मुख से निकली वाणी ही श्रीमद्भागवत कथा है। उन्होंने कहा कि सभी भक्तों के भक्ति भाव और स्वरूप अलग-अलग होते हैं। कुछ भक्त भगवान के स्वरूप का पूजन करते हैं, कुछ उनकी प्रतिमा की आराधना करते हैं, जबकि उच्च भाव वाले भक्त प्रत्येक जीव में भगवान का दर्शन करते हैं। मनुष्य को बड़े पुण्य और प्रताप से मानव जीवन प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से भागवत कथा का श्रवण करने वाला व्यक्ति सांसारिक उलझनों से दूर होकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करता है। मुख्य यजमान विमला सेठ हैं। कथा प्रारंभ होने से पहले विवेक सेठ मोनू ने व्यासपीठ की आरती की। आयोजन में गहना कोठी परिवार के विनीत सेठ, विशाल सेठ और विपिन सेठ आदि रहे। संवाद