शाहगंज। कोरोना काल में रविवार को फिर मानवता शर्मसार हो गई। नगर के नोनहट्टा मोहल्ले में एक महिला सड़क पर घंटों तड़पती रही, लेकिन कोई भी मदद को आगे नहीं आया। लोगों ने एंबुलेंस को फोन किया, मगर तीन घंटे तक एंबुलेंस भी नहीं पहुंची। बाद में पुलिस ने खुद अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाया। वहां से ऑक्सीजन लेवल कम होने का हवाला देते हुए महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
नोनहट्टा मोहल्ले में रविवार की सुबह दस बजे अचानक 60 वर्षीय अज्ञात महिला पहुंची और सड़क पर ही बैठ गई। उसे खांसी आ रही थी। सांस भी फूल रहा था। कोरोना के भय से सहमे लोगों ने 112 नंबर पर पुुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस के लिए फोन किया। करीब तीन घंटे तक कोई एंबुलेंस नहीं पहुंचा। तब 112 की टीम ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने अपने वाहन से महिला को राजकीय पुरुष अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सक ने महिला की हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां से भी महिला को ले जाने के लिए एंबुलेंस के कंट्रोल रुम को फोन किया गया तो बताया कि क्षेत्र के सभी वाहन कोरोना मरीजों को ले जाने में लगे हैं। काफी देर तक महिला अस्पताल परिसर में भी छटपटाती रही। बाद में चिकित्सकों ने निजी एंबुलेंस की व्यवस्था कर महिला को जिला अस्पताल भेजवाया।