जौनपुर। जनपद में चल रहा गड्ढा मुक्ति अभियान के लिए सरकार द्वारा दी गई समय सीमा समाप्त हो गई है लेकिन अभी भी अधिकांश सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग का दावा है कि अब तक 85 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। शेष 15 प्रतिशत कार्य बहुत जल्द पूरा कर लिया जाएगा। सरकार 15 सितंबर से गड्ढा मुक्ति अभियान चला रही है।
इसके तहत, जनपद में 10 करोड़ रुपये से 460 सड़कों की मरम्मत की योजना थी। शासन की ओर से चार करोड़ 95 लाख रुपये मिल चुके हैं। जबकि पांच करोड़ रुपये की और डिमांड की गई है। इस धनराशि से गड्ढा मुक्ति अभियान के तहत प्रांतीय खंड, निर्माण खंड और निर्माण खंड-दो के तहत आने वाले 1100 किमी सड़कों पर हुए गड्ढों को भरा जाना है। खेतासराय क्षेत्र के गुरैनी सोंगर मार्ग का निर्माण वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत किया था। सात किलोमीटर लंबी इस सड़क में अब मानीकलां गुरैनी सोंगर मवई तक 12 से अधिक स्थानों पर गिट्टी उखड़ गई है। इस सड़क के अनुरक्षण का जिम्मा भी वर्ष 2023 तक है, लेकिन ठेकेदार की ओर से टूटी सड़क में गड्ढे नहीं भरे गए हैं। बदलापुर क्षेत्र के मुरादपुर गांव से सुभाष मौर्या के दरवाजे से धनियामऊ जाने वाली 5 किलोमीटर सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। बरईपार बाजार से सुजानगंज रोड 14 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग 2 घंटे का समय लग जाता है। केराकत में खुज्झी मार्ग पर केराकत नगर के सरायबीरू के पास सड़क गड्ढायुक्त हो चुकी हैं। यही नहीं, अकबरपुर-सेनापुर मार्ग की स्थिति खराब है। लालाबाजार-शिवगुलामगंज मार्ग पर सड़क पर गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। चकमुबारकपुर से छाछो जाने मार्ग गड्ढे में तब्दील हो गया है। जौनपुर-मिर्जापुर मार्ग पर रामपुर में गड्ढे ही गड्ढे हैं। इसी मार्ग पर जौनपुर से लेकर जमालापुर के बीत भी कई स्थानों पर गड्ढे हैं। मछलीशहर-जंघई मार्ग भी गड्ढे में तब्दील तब्दील हो चुकी है। इस मार्ग पर रोज दुर्घटना होती है। सड़क पर वाहन रेंगते हुए चलते हैं। अधिक स्पीड गाड़ी नहीं चल सकती, क्योंकि इतने अधिक गड्ढे हैं। बावजूद इसके प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों का ध्यान सड़क के गड्ढों पर नहीं जा रहा।
एक हफ्ते में ही उखड़ने लगीं गिट्टियां
जौनपुर। बरईपार से मछली शहर मार्ग विगत 2 सालों से खराब था। अभी जल्द ही पैचिंग हुई है, लेकिन इस मार्ग की गीट्टियां उखाड़ना शुरू हो गई हैं, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। दो साल बाद रोड बनी और फिर से 10 दिन में ही सड़क टूटने उखड़ने लगी। इससे गुणवत्ता पर सवाल उठ रहा है। लोगों ने इस रोड के ठेकेदार के प्रति जांच की मांग की है।
1100 किमी सड़क गड्ढा मुक्त किया जाना है। अब तक 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा। - राधा कृष्ण, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण प्रांतीय खंड