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Jaunpur News: तीन दिनों से जारी न्यायिक कार्य बहिष्कार समाप्त

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मछलीशहर में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करते ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ। स्रोत-संव
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मछलीशहर। तहसील परिसर में व्याप्त भ्रष्टाचार और वादकारियों की समस्याओं को लेकर 23 फरवरी से चल रहा अधिवक्ताओं का गतिरोध बुधवार को समाप्त हो गया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ और अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई सकारात्मक वार्ता के बाद न्यायिक कार्य पर लौटने का निर्णय लिया गया। मंगलवार शाम को हुई बैठक में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव और महामंत्री आलोक विश्वकर्मा ने अधिकारियों का ध्यान तहसील की ज्वलंत समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया। इस दौरान प्रमुख मांगें और सहमति के बिंदुओं पर चर्चा हुई। इनमें प्रमुख रूप से पिछले छह महीनों से आदेश के लिए रुकी पत्रावलियों का त्वरित निस्तारण, धारा 116 (बंटवारा) और धारा 24 (पैमाइश) के अलावा अन्य राजस्व संहिता की धाराओं में भी समयबद्ध निर्णय लेने, राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों द्वारा काश्तकारों के कथित शोषण और रिपोर्ट दाखिल करने में होने वाली देरी पर लगाम लगाने और शोक सभा के दौरान अधिकारियों द्वारा पत्रावलियों को इंडोर्स न करने की समस्या को सुलझाने पर सहमति बनी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कुमार सौरभ ने कहा कि बार और बेंच के बीच सहमति बन गई है। न्यायालयों में कामकाज सुचारु रूप से शुरू हो जाएगा। हालांकि, बुधवार को अधिवक्ता संघ की ओर से एक शोक प्रस्ताव पारित किए जाने के कारण औपचारिक न्यायिक कार्य शुरू नहीं हो सका लेकिन गतिरोध पूरी तरह समाप्त हो चुका है। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश चंद्र सिन्हा, अशोक श्रीवास्तव, आरपी सिंह, सुरेंद्र मणि शुक्ला, हरि नायक तिवारी सहित आदि शामिल रहे।
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