दुश्मन की गोली से सेहमलपुर का बेटा शहीद हो गया, लेकिन उसके पहले उसने दुश्मन देश के दर्जन भर सैनिकों को मौत की नींद सुला दी थी। जौनपुर के लाल के शहीदी दिवस पर मैं उन्हें नमन करता हूं।
सेहमलपुर गांव में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ओपी पांडेय ने ये बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि देश के लिए शहीद होने वाले जवानों के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए।
भारत माता की रक्षा के लिए यह उनका हौैसला ही होता है कि खून को जमा देने वाले सियाचीन जैसे दुर्लभ इलाके में भी वे सीना तान कर भारत मां की रक्षा करते हैं। शहीद सतिराम यादव आज से 21 साल पूर्व आज ही के दिन
सियाचिन में देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे। क्षेत्र के जाने-माने पहलवान रहे सतिराम यादव भारतीय सेना के लगातार तीन बार चैंपियन रहे। उनके बड़े भाई स्व. बाबूराम यादव भी क्षेत्र के नामी पहलवान थे।
हूबराज चौधरी के चार बेटों में सतिराम सबसे छोेटे थे। सतिराम यादव को दो पुत्र राजेश और बृजेश के अलावा बेटी सुनीता है। शहीद के बड़े भाई वरिष्ठ पत्रकार सियाराम यादव छोटे भाई की कुर्बानी को यादकर भावुक हो उठे।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रेमशंकर गुप्त ने कहा कि वे बड़े ही लोकप्रिय और हंसमुख थे। डा. बंशराज आनंद ने कहा कि उनकी स्मृति में गांव में एक होम्योपैथिक चिकित्सालय बनना चाहिए।
इस मौके पर सतईराम यादव, डा. महजबी आरा, डा. अखिलेश कुमार सिंह, कल्लू यादव पहलवान, ज्ञानेंद्र यादव. सुरेंदर यादव, भोले यादव, रामजीत यादव आदि रहे।