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रोगों से बचाव को अपनाएं वैज्ञानिक तरीका

Sun, 10 Sep 2017 11:42 PM IST
jaunpur
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गोष्ठी के समापन पर अतिथि को सम्मानित करते कुलपति। - फोटो : jaunpur
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सीएसआईआर नई दिल्ली के निदेशक डा. मनोज कुमार पटैरिया ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी की जानकारी को आम जन तक ले जाने की जरूरत है। वैज्ञानिक साक्षरता एवं न्यूनतम विज्ञान की जानकारी और समझ विकसित कर के ही हम विज्ञान प्रसार के लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। स्वच्छ पेयजल का सेवन हमें अस्सी प्रतिशत बीमारियों से बचाता है। वह वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विवि में चल रही ग्रोथ ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इन द कैंपस आफ  पूर्वांचल यूनिवर्सिटी विषयक तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन अवसर पर बोल रहे थे।
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 काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. राजेंद्र कुमार सिंह ने क्लीन एनर्जी मैटेरियल एंड डिवाइसेस विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज ऊर्जा का संरक्षण करने की जरूरत है। इसके साथ ही पर्यावरण को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। नेशनल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन द्वारा शीघ्र ही ऊर्जा के नए स्रोत प्राप्त होंगे। राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के सहायक प्रो. सीएस पति त्रिपाठी ने नैनो मैटेरियल फार रिन्यूवल एनर्जी एंड वाटर प्यूरिफिकेशन पर व्याख्यान दिया। शहडोल के डा. गिरधर माथंकर  ने कहा कि विश्वविद्यालय में विज्ञान और तकनीकी के विकास के लिए इको फ्रें डली कैंपस बनाने की जरूरत है।  केंद्रीय विश्वविद्यालय सारनाथ के डा. प्रवीण प्रकाश ने कहा कि प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत में चित्रकला बहुत ही समृद्ध रही है। आज भारतीय सांस्कृतिक धरोहर में सांस्कृतिक पाठ्यक्त्रस्म  शुरू करने की जरूरत है। पुणे विवि के  प्रो. वीए  तभाने एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. केपी सिंह ने भी विचार रखे।

डिप्लोमा इन फ ार्मेसी, एम फ ार्मा, होम्योपैथिक, गौ विज्ञान व फ ाइन आर्ट्स विषय शुरू करने पर चर्चा हुई। डा. मनोज पटैरिया, डा. एके श्रीवास्तव, प्रो. वीए तभाने, डा. गिरधर माथंकर, डा.वाईपी  कोहली एवं डा. अजय द्विवेदी ने विचार विमर्श किया। अध्यक्षता पूर्व कुलपति डा. पीसी पातंजलि और संचालन प्रो. बीबी तिवारी ने किया। इस अवसर पर डा. अरविंद कुमार तिवारी, डा. आलोक गुप्त, डा. देवराज सिंह, डा. वीके त्रिपाठी, डा. देवव्रत मिश्र, डा. राजीव प्रकाश सिंह, डा. समर बहादुर सिंह, डा. अजय प्रताप सिंह आदि रहे।
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