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कर्तव्य की भूमि पर उगती है अधिकार की फसल

Sat, 03 Jan 2015 11:13 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
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कर्तव्य की भूमि पर ही अधिकार की फसल उगती है। जितना अच्छा बार होगा, उतने ही अच्छे निर्णय आएंगे। न्याय के क्षेत्र में अंतिम लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अधिवक्ता समाज का सम्मानित वर्ग है।
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 उक्त बातें दीवानी बार सभागार में आयोजित संतोष श्रीवास्तव की पुण्यतिथि कार्यक्रम में हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के न्यायाधीश अश्वनी कुमार सिंह ने कही।

उन्होंने कहा कि अधिवक्ता कोर्ट का अभिन्न अंग है। बिना अधिवक्ता के न्यायिक कार्य का संपादन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि न्यायिक अधिकारी यथासंभव वादकारियों के हित को देखते हुए जो होने लायक निर्णय है, उन्हें बिना डर के करें। साथ में कानून-व्यवस्था का भी ख्याल रहे। जिला जज लुकमानुल हक ने कहा कि बार और बेंच गाड़ी के दो पहिए हैं। गाड़ी वादकारी के नाते चलती है।

उसके हित के लिए कुछ करोगे तो मानसिक संतोष मिलेगा। बार कौंसिल उत्तर प्रदेश के चेयरमैन अब्दुल रज्जाक खां ने कहा कि निष्काम भाव से कर्म करना चाहिए। फल जरूर मिलेगा। जूनियर अधिवक्ताओं को बैठने के लिए जगह की व्यवस्था का प्रयास करूंगा।
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इससे पहले अतिथियों ने स्व. संतोषी बाबू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बार के वरिष्ठतम अध्यक्ष पं. सुरेश चंद्र मिश्र, आरपी सिंह, हरिराम मौर्या, आमोद सिन्हा, प्रेमशंकर मिश्र को अधिवक्ता रत्न देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डीएम सुहास एलवाई, एसपी बबलू कुमार, कलेक्ट्रेट बार समिति के अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, बीडी सिंह, संतोष श्रीवास्तव, डीपी सिंह ने भी संतोषी बाबू के जीवन प्रकाश डाला।

बार ने अतिथियों को स्मति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बार अध्यक्ष सत्येंद्र बहादुर सिंह और संचालन मंत्री जयप्रकाश सिंह ने किया। अंत में अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव बच्चा भइया ने आगंतुकों के प्रति आभार जताया। इस दौरान सभी न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता थे।
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