कहर बरपा रही सर्दी के बीच शनिवार को मौसम का मिजाज ज्यादा बिगड़ गया। पूरे दिन घने कोहरे के साथ रिमझिम बरसात होती रही। हवाएं नहीं चलीं।
आसमान में बादल और कोहरे की मौजूदगी के चलते दिन में भी अंधेरा छाया रहा। पूरे दिन दृश्यता बेहद कम रही। इस दौरान आर्र्दता लगभग 95 फीसदी तक पहुंच गई। इससे आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया।
ठंड का सितम जारी है। शनिवार को पौ फटी तो आसमान से फुहारें गिर रहीं थीं। इस दौरान घना कोहरा भी छाया था। यह स्थिति लगातार बने रहने के कारण दिन चढ़ने तक अंधेरा सा छाया रहा। दृश्यता बेहद कम हो गई। इससे सड़कों पर आवागमन भी प्रभावित रहा।
जिले से होकर गुजरने वाले लखनऊ-वाराणसी हाईवे, आजमगढ़, शाहगंज और मड़ियाहूं आदि मार्गों पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। दृश्यता कम होने के कारण वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। हवा के झोंके न चलने के कारण न्यूनतम तापमान में तो थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन बरसात के चलते आर्द्रता का प्रतिशत काफी बढ़ गया। पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए।
बदली छाई रही और बूंदाबांदी होती रही। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। गीले कपड़े को सुखवाना चुनौती बन गई। रिमझिम बरसात के चलते शहर की सड़कों की सूरत बिगड़ गई।
कच्ची सड़कें कीचड़ से सन गईं। इससे आने-जाने वालों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस बीच फाल्ट के चलते बिजली की अघोषित कटौती भी लोगों के लिए मुश्किलों का सबब बनी रही। पूरे दिन आसमान बादलों से ढंके रहने के कारण लोग घरों में ही दुबके रहे।