कारगिल शहीदों के परिवारों की सहायता के लिए जौनपुर जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से एकत्रित 10 लाख 76 हजार 50 रुपये गबन के मामले में त्रिस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। सरकारी धन की हेराफेरी का यह मामला करीब 18 साल बाद फिर चर्चा में आया है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के मड़ियाहूं ब्लाक के अध्यक्ष हेमंत सिंह ने पिछले महीने तीन अक्तूबर को मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी। आरोप था कि वर्ष 1999 में हुए कारगिल युद्ध के शहीदों के परिजनों की सहायता के लिए बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात शिक्षक और कर्मचारियों के वेतन से 150 रुपये की दर से कटौती की गई थी।
कुल 10 लाख 76 हजार 50 रुपये एकत्र हुए थे। यह धनराशि विभाग के खाते में छह महीने तक वैसे ही पड़ी रही। इसके खिलाफ कुछ शिक्षक कोर्ट गए तो 9 लाख रुपये उड़ीसा के तूफान पीड़ितों को भेज दिया गया, जबकि बाकी 1 लाख 50 हजार रुपये चेक के माध्यम से प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्कालीन जिलाध्यक्ष के खाते में शिक्षक भवन की मरम्मत के नाम पर भुगतान कर दिया गया। तत्कालीन जिलाध्यक्ष के रिटायर होने के वर्षों बाद भी इस धन की वसूली नहीं हो सकी।
शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति का गठन कर दिया गया है। अब जांच रिपोर्ट आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए