जफराबाद कस्बे में शुक्रवार को पुलिस और रिटायर्ड सैनिक के बीच हुई मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। साथी की पिटाई से आहत रिटायर्ड फौजियों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
एक्स सर्विसमैन एसोसिएशन की जिला इकाई के रिटायर्ड सैनिकों ने सिविल लाइन स्थित भूतपूर्व सैनिक कल्याण बोर्ड समिति के सभागार में बैठक कर घटना की कड़े शब्दों में निंदा की।
सैनिकों ने डीएम और एसपी से मुलाकात कर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और आरोपी फौजी अनिल सिंह को रिहा करने की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे समिति के अध्यक्ष आरएस सिंह ने कहा कि भारतीय सेना के जवान सीमा की रक्षा के लिए जान दे रहे हैं। इधर सिविल पुलिस जनता की रक्षा करने को कौन कहे, उल्टे उन्हें मारपीट कर जेल भेज दे रही है।
कहा कि पुलिस लोगों के साथ अच्छा बर्ताव नहीं कर रही है। इसका उदाहरण जफराबाद कस्बे की घटना है। यहां पुलिस ने बीबीपुर निवासी रिटायर्ड सैनिक अनिल सिंह को मामूली विवाद में इस तरह पिटाई की, जैसे वह कोई अपराधी हो।
यह मानवाधिकार का उल्लंघन है। घटना में न्याय नहीं किया गया तो मुख्यमंत्री से अपील की जाएगी।
कर्नल जेएस दुबे ने कहा कि अगर फौजी की गलती थी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए थी, बेरहमी से
पीटना पुलिसिंग नहीं है। यह मानवाधिकारों का हनन है। बैठक में पाली क्लीनिक के प्रभारी मेजर सभाजीत, अजीत पांडेय, बीएन दुबे, जीसी श्रीवास्तव, सतीश कुमार, राजाराम, केके सिंह आदि शामिल थे। इसके बाद रिटायर्ड फौजियों ने
जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी और एसपी भारत सिंह यादव से मुलाकात कर गुहार लगाई। कहा कि सेवानिवृत्त फौजी को पीटने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबित करें और फौजी को रिहा किया जाए। इस मौके पर भुक्तभोगी फौजी के पिता मैन बहादुर सिंह भी मौजूद रहे।