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Jaunpur News: केंद्रीय विद्यालय का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास तीन साल से लटका

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करंजाकला। जिले का दुर्भाग्य है कि यहां एक भी केंद्रीय विद्यालय नहीं है। सिद्दीकपुर स्थित आइटीआई परिसर में केंद्रीय विद्यालय बनाने का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार के पास तीन सालों से लंबित है। जबकि केवि के लिए पांच एकड़ जमीन भी आवंटित है और इसके लिए 36 करोड़ के बजट को भी वित्त कमेटी ने मंजूरी दे दी है। अगर केंद्र सरकार से मंजूरी मिल जाती है तो स्थानीय छात्रों को बेहतर शिक्षा की सुविधा मिल सकेगी बल्कि उन्हें आस-पास के जिले जैसे वाराणसी, लखनऊ या प्रयागराज नहीं जाना पड़ेगा।
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जौनपुर शहर से 8 किलोमीटर दूर केंद्रीय विद्यालय का प्रस्तावित निर्माण राजकीय आईटीआई औद्योगिक संस्थान की 5 एकड़ की जमीन पर होना है। केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिलने से अभी तक यह प्रस्ताव मूर्त रूप नहीं ले सका है। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में केंद्रीय विद्यालय बनाने के लिए मंत्रालय की ओर से जून 2022 में चर्चा शुरू हुई थी। उसके बाद जमीन चिह्नांकन आदि की प्रक्रिया शुरू की गई तो राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में पर्याप्त जमीन मिली। इसके बाद राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव के प्रस्ताव पर केंद्रीय विद्यालय खोलने की अनुमति मिल गई। जमीन केंद्रीय विद्यालय के नाम हस्तांतरित करने का अनुरोध पत्र भी राज्यमंत्री की तरफ से मुख्यमंत्री को लिखा गया था। उसी आधार पर व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के विशेष सचिव ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर पांच एकड़ भूमि हस्तांतरित करने के लिए एनओसी जारी की। भूमि केंद्रीय विद्यालय के नाम पर ट्रांसफर भी कर दी गई है। केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के साथ ही ईएफसी (वित्त एवं व्यय समिति) की भी मंजूरी मिल गई है। प्रस्ताव केंद्रीय कैबिनेट में अभी तक लंबित है।

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ये होंगे फायदे

केंद्रीय विद्यालय खुलने से पहली से 12 वीं तक के छात्रों की सीबीएसई पैटर्न पर पढ़ाई होगी। लैब के साथ खेल मैदान व मनोरंजन सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी। पढ़ाई के अलावा खेल संगीत व उनके लिए अलग-अलग शिक्षकों की भर्ती होगी।
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अफसर हों या जनप्रतिनिधि, सिर्फ दे रहे आश्वासन

जिले में 2020-21 से अब तक विभागीय अफसर व जनप्रतिनिधि पहले केंद्रीय विद्यालय जल्द खुलने का आश्वासन देते रहे। राज्यमंत्री हों या जिले के सांसद सभी जल्द विद्यालय खुलने का आश्वासन देते रहे हैं।

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अस्थाई क्लास लगाने के लिए जीजीआइसी स्कूल का किया गया है चयन

केंद्रीय विद्यालय अस्थाई तौर पर संचालित करने के लिए जीजीआईसी स्कूल का चयन किया गया है। अभी तक यह बातें सिर्फ कागज पर ही हैं। धरातल पर कुछ भी होता नहीं दिख रहा है। विद्यालय संचालन के लिए भवनों का मानक व संसाधन उपलब्ध नहीं है।
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वर्जन

केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने के तुरंत बाद काम शुरू कराया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि जल्द से जल्द मंजूरी मिले और काम शुरू किया जा सके।

- गिरीश चंद्र यादव, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री, उप्र सरकार
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