जश्ने यौमुन्नबी (बारावफात) का पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। हजरत मुहम्मद के जन्मदिन के मौके पर मरकजी सीरत कमेटी के तत्वावधान में आयोजित जश्ने यौमुन्नबी में अंजुमनों ने नबी की शान में सारी रात नातिया कलाम प्रस्तुत किया। दूरदराज से आए अखाड़ों के कलाकारों ने करतब दिखाए।
तहसील परिसर स्थित शाही बादशाहजादी मस्जिद से जुलूस निकाला गया। डा. सैय्यद अहमद मुजतबा ने हरी झंडी दिखाकर जुलूस को रवाना किया। जुलूस में दर्जनों अंजुमनें नात पढ़ते हुए चल रही थी। अखाड़े के कलाकार करतब दिखाते चल रहे थे। जुलूस कोतवाली चौराहे से होकर संकट मोचन मंदिर से होकर मुख्य मार्ग से होकर शाम को शाही
जामा मस्जिद शेखजादा पहुंच कर समाप्त हुआ। रास्ते में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने स्टाल लगाकर अंजुमन और अखाड़े के कलाकारों का स्वागत किया। अंजुमनों एवं अखाड़ों को पुरस्कृत भी किया गया।
जुलुस में गंगाजमुनी तहजीब का निर्वहन करते हुए दूसरे सम्प्रदाय के लोगों ने भी हिस्सा लिया। पुरस्कार वितरण के बाद डा. बहादुर अली खां, एवं निजामुद्दीन अंसारी ने आभार व्यक्त किया। सीओ अशोक कुमार सिंह
कोतवाली प्रभारी राजीव मिश्र जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहे। हाजी सईद अंसारी, अब्दुल हमीद खां, सलीमुद्दीन अंसारी, मो. आरिफ, मो. असलम, हाजी मोहर्रम अली, जौवाद अहमद, गुफरान और सौदागर अंसारी आदि मौजूद रहे।