लखनऊ-वाराणसी नेशनल हाईवे में बने गड्ढे।
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वाराणसी जौनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बद से बदतर हो गई है। कदम-कदम पर बने गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। बारिश से स्थिति और भी खराब है। यह हालत पिछले दो साल से है। आवागमन कर रहे लोग इस गफलत में हो जाते हैं कि कहां सड़क है और कहा़ गड्ढा। समस्या संज्ञान में होने के बाद भी विभागीय अधिकारी लापरवाह बने हैं। उनकी यह उदासीनता और लापरवाही यात्रियों पर भारी पड़ रही है।
वाराणसी-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 56 के बेहद क्षतिग्रस्त होने के चलते इस पर चलना खतरे से खेलने के बराबर है। कहने को तो यह मार्ग हाईवे है पर सड़क की दशा खराब होने के चलते इस मार्ग पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार आधी भी नहीं रह गई है। जौनपुर से वाराणसी का सफर तय करने में जहां पहले डेढ़ घंटे का समय लगता था वहीं अब ढाई से तीन घंटे में लोग सफर पूरा कर पा रहे हैं। जोखिम ऊपर से लोगों को उठाना पड़ रहा है।
जलालपुर, सिरकोनी, त्रिलोचन, शहर में जगदीशपुर, लाइनबाजार, अलीगंज, लखौवा बाजार, शंभूगंज, शिवगुलामगंज, सवंसा, बक्शा, नौपेड़वा, धनियामऊ आदि बाजारों में सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं। कई बार इन गड्ढों में वाहन भी फंस जा रहे हैं जिससे लोगों जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। गड्ढों को भरने का भी प्रशासन के पास कोई इंतजाम नहीं है। सावन के इस महीने में वाराणसी से लेकर जौनपुर शहर और शंभूगंज के पास स्थित सायनाथ मंदिर तक हाईवे पर कांवरियों का भी तांता लगा रहता है। सड़क खराब होने के चलते कांवरियों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।