जौनपुर। भाजपा की राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी ने कहा कि देश के बंटवारे के दर्द को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों-भाइयों को विस्थापित होना पड़ा और अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने कहा कि विभाजन के कारण हुई हिंसा और नासमझी में की गई नफरत से लाखों लोग विस्थापित हो गए।
वे कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में भाजपा जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह के अध्यक्षता में विभाजन की विभीषिका विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रही थीं। अन्य वक्ताओं ने विभाजन को इतिहास का काला अध्याय बताया। मुख्य अतिथि भाजपा की प्रदेश मंत्री मीना चौबे ने कहा कि 14 अगस्त 1947 एक ऐसी तारीख है, जिसे भारतीय उपमहाद्वीप के इतिहास में कभी भुलाया नहीं जा सकता है। इसी दिन भारत का विभाजन हुआ और पाकिस्तान के नाम से दुनिया के मानचित्र पर एक नए राष्ट्र का उदय हुआ। उन्हें इसे कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति का काला अध्याय करार दिया। कहा कि इस भीषण त्रासदी ने सनातन भारत की एकता को तोड़कर देश को पीड़ा दी। पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि भारत का विभाजन देश के लिए किसी विभीषिका से कम नहीं था। इसका दर्द आज भी देश को झेलना पड़ रहा है। 1947 में भारत के विभाजन के बाद लाखों लोग विस्थापित हुए थे और बड़े पैमाने पर दंगे भड़कने के चलते काफी संख्या में लोगों की जान चली गई थी। जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने कहा कि देश का बंटवारा हुआ लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से नहीं। इस ऐतिहासिक तारीख ने कई खूनी मंजर देखे और भारत का विभाजन खूनी घटनाक्रम का एक दस्तावेज बन गया। अजय शंकर दुबे ने कहा कि विभाजन के बाद पाकिस्तान के रूप एक नए राष्ट्र का उदय हुआ। संयोजक डीसीएफ चेयरमैन धनंजय सिंह रहे। संचालन जिला महामंत्री सुशील मिश्र ने किया।