लाइव: विकास भवन
साहब ही नहीं आए समय से तो कर्मचारियों की कौन पूछे
- सरकार के साढ़े नौ बजे पहुंचने के फरमान का नहीं दिखा कोई असर
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। सरकार ने दफ्तर पहुंचने का समय भले ही तय कर दिया हो लेकिन यहां अफसर अपने समय से ही आते हैं। वह जब चाहे आएं और फरियादियों से मिलें या न मिले, कोई पूछने वाला नहीं। यह है विकास भवन, जहां के दफ्तरों से विकास की तमाम योजनाएं संचालित होती हैं। बुधवार को सुबह 10.35 बजे तक तक यहां महज चार अधिकारी ही पहुंचे थे। उनसे पहले ही फरियादी पहुंच गए थे और उनकी राह देख रहे थे।
विकास भवन में कुल 19 विभाग के कार्यालय हैं। इसमें मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय, जिला विकास कार्यालय, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय, जिला समाज कल्याण कार्यालय, कौशल विकास मिशन कार्यालय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, जिला विकलांग कल्याण कार्यालय, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण कार्यालय, मनरेगा कार्यालय, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय, सहकारिता कार्यालय, निर्वाचन कार्यालय पंचस्थानीय, डीआरडीए, आरईएस, मत्स्य कार्यालय, लघु सिंचाई कार्यालय, नेडा कार्यालय, एनआरएलएम कार्यालय, बाल विकास पुष्टाहार कार्यालय आदि शामिल हैं। प्रदेश सरकार ने दफ्तरों के खुलने का समय सुबह साढ़े नौ बजे तय किया है लेकिन बुधवार को तब तक यहां सन्नाटा पसरा था। दिन में 10.35 तक महज चार अधिकारी ही पहुंचे। बाकी 15 का अतापता न था।?
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* समय 9:52 बजे
- मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार सिंह 9:52 बजे विकास भवन पहुंचने वाले पहले अधिकारी थे। वह अपने वाहन से उतरते ही सीधे विकास भवन में अंदर घुसे। इसके बाद सीढ़ियों से चढ़ते हुए अपने कार्यालय में चले गए।
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* समय 9:58 बजे
- जिला विकास अधिकारी बीबी सिंह 9 बजकर 58 मिनट पर विकास भवन पहुंचे। वाहन से सीधे उतरकर प्रथम तल पर स्थित कार्यालय में जाकर लंबित कामों को निपटाने में जुट गए।
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* समय 10:15 बजे
- नेडा अधिकारी अजय कुमार 10 बजकर 15 मिनट पर विकास भवन पहुंचे। वे भी विकास भवन गेट पर वाहन से उतर कर सीधे अपने कार्यालय की तरफ चल दिए।
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* समय 10.35 बजे
एआर कोऑपरेटिव अखिलेश प्रताप सिंह 10 बजेकर 35 मिनट पर विकास भवन पहुंचने वाले चौथे अधिकारी रहे। देरी में आने के बाद कैमरे पर नजर पड़ते ही वह हड़बड़ाते हुए अपने कार्यालय की ओर गए।
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समय से पहले पहुंचे कर्मचारी
जौनपुर। बुधवार को साढ़े नौ बजे से कर्मचारियों के आने का सिलसिला जारी हो गया। लगभग सभी कर्मचारी 10 बजे तक पहुंच गए थे। नौ बजकर 40 मिनट पर जिला विकास कार्यालय के कर्मचारी राजीव कुमार, अमित कुमार व बृजेश कुमार पाल पहुंचे थे। कर्मचारियों के कार्यालय आने का समय सरकार ने 10 बजे निर्धारित किया है।
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इनसेट:
वृद्धा पेंशन का लाभ मात्र एक बार मिला था। इसके बाद छह माह का समय गुजर गया, अभी तक पेंशन नहीं आई है। जिसके लिए समाज कल्याण अधिकारी का इंतजार कर रहा हूं। अधिकारी जब भी आएंगे उनसे मिल कर जाएंगा। अभी तक तीन बार आ चुका हूं, लेकिन साहब नहीं मिले हैं। -लालता प्रसाद यादव, कन्हई का पुरा
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वृद्धा पेंशन का लाभ लेने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन अभी तक पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया है। जबकि सात माह का समय गुजर गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी के इंतजार में बैठा हूं।उनसे मिलकर अपनी समस्या का निस्तारण कराकर ही घर जाउंगा, लेकिन अभी तक साहब नहीं आए हैं। -जगलाल, सिद्दीकपुर
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प्रधान द्वारा विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत की थी। जिला उद्यान अधिकारी ने जांच की, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाई नहीं हुई है, जबकि शिकायत की दो बार जाव्ंच हो गई है, जिसमें शिकायत सही पाई गई है। सीडीओ के आने का इंतजार कर रहा हूं। उनसे मिलकर गुहार लगाकर ही जाऊंगा। -विनित सिंह, जमैथा
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- वृद्धा पेंशन का आनलाइन फार्म भरने के बाद भी अभी तक पेंशन नहीं मिल पाई है। इसी का पता लगाने आया हूं। जिला समाज कल्याण अधिकारी के आने का इंतजार कर रहा हूं। उनके आने पर समस्या को बता कर जाएंगा। मै सुबह साढ़े नौ बजे से ही विकास भवन आ गया था, लेकिन साहब अभी तक नहीं आ सके हैं। - मोहम्मद सईद, अहमद खां मंडी