विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को लायंस क्लब की ओर से शाही किले से पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता रैली निकाली गई।
रैली में पर्यावरण सुरक्षा के लिए बैनर और तख्ती पर लिखे स्लोगन के साथ शहर का भ्रमण कर सभी को जागरूक किया गया। रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए ताड़तला स्थित एक सभागार मेें गोष्ठी में तब्दील हो गई।
वक्ताओं ने पर्यावरण को बचाने, प्रदूषण की रोकथाम व नियंत्रण पर विचार व्यक्त किए। संस्थाध्यक्ष सै. मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि प्रदूषण एक अभिशाप है। जीवन के लिए पर्यावरण को संतुलित रखना जरूरी है।
पूरा विश्व इस गंभीर चुनौती के दौर से गुजर रहा है। वास्तव में आज पर्यावरण से संबधिंत उपलब्ध ज्ञान को व्यावहारिक बनाने की आवश्यकता है। ताकि समस्या को जनमानस सहज रूप से समझ सके।
इसकी रोकथाम निवारण, नियंत्रण करते हुए पर्यावरण संरक्षण किया जा सके। मार्निंग वाकर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विरेन्द्र प्रधान ने कहा कि प्रकृति के साथ मानव द्वारा किए जा रहे छेड़छाड़ का ही नतीजा है कि पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है।
प्राकृतिक आपदा जैसी घटनाएं आए दिन हो रही हैं। अगर हम अभी न चेते तो सब कुछ नष्ट हो सकता है। डा. कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि वैज्ञानिकों ने काफी चमत्कारिक आविष्कार किए हैं, परन्तु मानव ने उनका सद्उपयोग कम, दुरुपयोग ज्यादा किया है। जिसके परिणाम स्वरूप जल, थल, नभ, पूरा पर्यावरण प्रदूषित हो गया है।
वह अपने ही कारनामों से कई समस्याओं और बीमारियों को न्योता दे चुका है। अपनी जान जोखिम में डाल चुका है। तिलकधारी महाविद्यालय के प्रबन्धक अशोक सिंह ने कहा कि ग्लेश्यिर पिघल रहे हैं, धरती गर्म हो रही है। अब भी हम न सचेत हुए तो पृथ्वी खत्म हो जाएगी।
आभार घनश्याम साहू ने व्यक्त किया। संचालन राधेरमण जायसवाल ने किया। इस अवसर पर महेन्द्रनाथ सेठ, सोमेश्वर केसरवानी, ओम प्रकाश सिंघानियां, डा. मदन मोहन वर्मा, अरविन्द बैंकर, संजय श्रीवास्तव, अशफाक हुसैन, अमित पाण्डेय, राकेश जायसवाल, डा. एचयूखान, सुरेन्द्र प्रधान, शराफत आदि रहे।