मतदाता सूची में खामियों के लिए आपत्ति का समय बीत गया फिर भी इसे लेकर गांवों में मचा हल्ला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
शुक्रवार को मुंगराबादशाहपुर विकास खंड के रामपुर भोडी गांव के लोगों ने तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन कर मतदाता सूची में नाम शामिल करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बीएलओ, सुपरवाइजर, कंप्यूटर आपरेटर और हल्का लेखपाल ने मिलकर फर्जीवाड़ा किया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कम उम्र के लोगों का नाम भी सूची में शामिल कर दिया गया है, बाहर रहने वाले लोगों का नाम भी सूची है लेकिन गांव में रहने वाले बहुत से लोगों का नाम काट दिया गया है।
मतदाता सूची में दर्जनों ऐसे नाम शामिल हैं जो दूसरे गांव के हैं। ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। आरोप है कि गंाव में नियुक्त बीएलओ मनीष यादव दूसरे गांव के हैं लेकिन अपना भी नाम इस ग्राम सभा की सूची में दर्ज करा
लिया है। प्रदर्शन करने वालों में राजेश यादव, राधेश्याम मिश्र, राहुल यादव, विनोद कुमार , सुनील, राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, मुन्नीलाल, हरीलाल, राजमनी, रामाशंकर यादव, धर्मेद्रं कुमार आदि लोग उपस्थित रहे।
मीरगंज प्रतिनिधि के अनुसार मछलीशहर ब्लाक के चौकीखुर्द गांव के लोगों ने डीएम को पत्रक देकर शिकायत की है कि वर्तमान एवं पूर्व प्रधान समेत गांव के कई लोगों का नाम सूची से काट दिया गया है।
गांव के रामबली का आरोप है कि उनके पीरिवार के 40 मतदाताओं में से 30 का नाम काट दिया गया है। प्रधान उर्मिला पांडेय, बीडीसी पुष्पा देवी, पूर्व प्रधान लालजी तिवारी, पूर्व प्रधान गीता देवी, प्रकाश चंद्र, अध्यापक मातादीन और
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का नाम सूची में नहीं है। भटहर गांव में भी ऐसी ही स्थिति है। नरसिंह बहादुर सिंह के पूरे परिवार के सदस्यों का नाम काट दिया गया है। बरसठी प्रतिनिधि के अनुसार चतुर्भुजपुर, बनपुरवा, दुबान समेत कई
गांव की मतदाता सूची से जिंदा लोगों का नाम काट दिया गया है और मृतकों का नाम सूची में शामिल है। रामनगर ब्लाक के औरा गांव में ऐसे ही मामलों को लेकर गुरुवार को बीएलओ को मारने के लिए दौड़ा लिया गया था। जमालापुर गांव में जयप्रकाश चौरसिया, भोलानाथ शर्मा के पूरे परिवार का नाम सूची से काट दिया गया है।