आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर स्थित चंदवक बाजार में आए दिन लगने वाले जाम और इससे होने वाली दुर्घटनाओं ने स्थानीय व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 300 से अधिक व्यापारियों वाला बाजार अतिक्रमण से जाम रहता है। बाजार में सड़क किनारे फैले अतिक्रमण के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है। नतीजतन न तो यातायात सुचारु रूप से चल पा रहा है और न ही ग्राहक दुकानों तक आसानी से पहुंच पा रहे हैं।
यह बाजार आजमगढ़, वाराणसी, गाजीपुर व जौनपुर की सीमा पर होने कारण बहुत महत्वपूर्ण हैं। यहां पर रोजाना करीब पांच हजार से अधिक खरीदार यात्रा करने पहुंचते हैं। व्यापारियों का कहना है कि जाम और सड़क पर ठेले खुमचे वालों के अतिक्रमण की समस्या से उनका व्यापार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है। लोग वाहनों की लंबी कतारों और अव्यवस्थित यातायात के कारण बाजार में खरीदारी करने से कतराने लगे हैं। ठेले-खुमचे वाले, डग्गामार वाहन और बेतरतीब पार्किंग से स्थिति और भी खराब हो जाती है।
चंदवक चौराहे पर तो प्रायः रोज ही घंटों तक जाम लगा रहता है। व्यापारी बताते हैं कि कई बार तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन केवल खानापूर्ति करता नजर आता है। कभी-कभार पुलिस कार्रवाई करती है, मगर इसका असर कुछ ही देर तक रहता है। चंदवक बाजार आजमगढ़, गाजीपुर और वाराणसी की सीमा से सटे होने के कारण आस-पास के जिलों के व्यापारी भी इस बाजार में व्यापार करने के लिए आते हैं। गाजीपुर से जुड़ने वाली सड़क पर तो अतिक्रमण इतना अधिक है कि वह सिंगल मार्ग की तरह दिखाई देने लगी है। यदि प्रशासन ठोस कदम उठाकर अतिक्रमण हटवा दे तो बाजार में ग्राहकों का आना-जाना आसान हो जाएगा और कारोबार भी बेहतर होगा। स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि व्यवस्था दुरुस्त की जाए तो न केवल यातायात सुचारु होगा बल्कि व्यापार भी फले-फूलेगा।