पुलिस लाइन सभागार में आयोजित सेमिनार में जिला जज लुकमानुल हक ने सटीक न्याय के लिए पुलिस और चिकित्सक को सामंजस्य बनाकर काम करने की नसीहत दी। कहा कि खास तौर पर रेप की घटनाओं में दोनों विभागों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उन्होंने प्रत्येक पीड़ित के साथ पुलिस को न्याय करने की बात कही।
डाक्टरों, पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस लाइन के सम्मेलन कक्ष में आयोजित सेमिनार में अपराध को लेकर पुलिस, चिकित्सक और न्यायपालिका को सामंजस्य बनाने की जरूरत पर बल दिया गया। जिला जज ने कहा कि यह पहली शर्त है कि पुलिस पीड़ित के साथ खड़ी हो।
शोषित के लिए न्याय की शुरुआत पुलिस की दहलीज से ही होती है। ऐसे में जरूरी है कि पुलिसिंग में मानवीयता का समावेश हो। उन्होंने पोस्टमार्टम और दुष्कर्म की घटनाओं की तफ्तीश करने वाले चिकित्सकों को संजीदगी से काम करने की बात कही।
पुलिस कप्तान बबलू कुमार ने जिला जज को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर जिलाधिकारी सुहास एलवाई, पुलिस कप्तान बबलू कुमार, सीएमओ डा. दिनेश यादव के अलावा सीएमएस, चिकित्सक और विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष मौजूद रहे।