भू स्वामी की मौत पर अभिलेखों में वारिसों के नाम दर्ज करने का जौनपुर मॉडल अब पूरे प्रदेश में लागू होगा। रविवार को रात में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कानून व्यवस्था और कोविड-19 की समीक्षा के दौरान जौनपुर के वरासत मॉडल की सराहना करते हुए सीएम ने इसे पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्देश दिया है। हर जिले में इस अभियान की प्रस्तुति भी दी जाएगी। उन्होंने भूमि विवादों के निस्तारण और पात्रों को योजनाओं का लाभ दिलाने में इस मॉडल को बेहद उपयोगी करार दिया है।
जौनपुर में भूमि विवाद के मामले बड़ी संख्या में है। इसके पीछे मुख्य कारण वारिसों का नाम भूमि पर समय से दर्ज न हो पाना भी रहा है। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने जिले में कार्यभार संभालते ही वरासत के मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए।
अक्तूबर से दिसंबर तक अभियान के दौरान 15770 कृषक मृतक तस्दीक हुए थे, जिनके 45215 वारिसो के नाम खतौनी में दर्ज करके कंप्यूटर पर चढ़ाकर कंप्यूटराइज्ड खतौनी निकालकर उनके घरों पर जाकर उपलब्ध कराया गया था।