मिर्ज़ा दरोगा एजाज की मस्जिद में रोज़ा इफ्तार करते लोग। संवाद
जौनपुर। रमजान के पहले शुक्रवार को नगर की सभी प्रमुख मस्जिदों में जुमे की नमाज के साथ-साथ पांचों वक्त की नमाज भी रोजदारें ने अदा की। मगरिब की नमाज के वक्त रोज़ा इफ्तार करने के बाद रात्रि में लोगों ने मस्जिद में तरावीह पढ़ा और मुल्क में अमन, चैन और शांति के लिए दुआएं मांगी।
इससे पूर्व मगरिब की अजान के बाद रोजेदारों ने अपना रोजा खोला। शहर के मुफ्ती मोहल्ला, बलुआघाट, सिपाह, मुल्ला टोला, पुरानी बाजार, पानदरीबा सहित अन्य स्थानों पर मस्जिदों में नमाजियों की अच्छी खासी भीड़ दिखाई पड़ी। नगर के बलुआघाट स्थित मिर्जा दारोगा एजाज की मस्जिद में नमाज पढ़ाने के बाद मौलाना कैसर अब्बास आजमी ने कहा कि पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा ने बताया कि माहे रमजान को तमाम महीनों में सबसे अव्वल दर्जा प्राप्त है। इस महीने में खुदा शैतान को कैद में कर देता है और जन्नत का दरवाजा तमाम रोजेदारों के लिए खोल देता है। यही वजह है कि घरों में दिन रात कुरान की तेलावते होती हैं तो वहीं विशेष नमाज अदा कर लोग अपने गुनाहों की तौबा करते हैं। मौलाना ने कहा कि रोजेदारों को रोजा खुलवाना सबसे बड़ा शबाब का काम है। ऐसे में हमें चाहिए कि अपने रिश्तेदार, पड़ोसियों, मोहल्ले व नगरवासियों में अगर कोई गरीब मौजूद है तो उसके परिवार को रोजा खोलने का सारा सामान मुहैया कराना चाहिए। मस्जिदों में देर रात्रि तक तरावीह पढ़ने का सिलसिला जारी रहा।