13 महीनों में 21 दोपहिया चालकों की दुर्घटना में मौत
संकरी सड़क, भारी वाहनों का दबाव और अतिक्रमण बन रहा कारण
गौरव शुक्ला
चंदवक। आजमगढ़-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग-233 पर चंदवक थाना क्षेत्र के अंतर्गत 16 किलोमीटर का दायरा डेथ जोन में तब्दील हो गया है। यहां हर हफ्ते दो से तीन बड़े हादसे होते हैं। वाराणसी सीमा पर स्थित परसौड़ी गांव से लेकर आजमगढ़ सीमा के कनौरा गांव तक के हिस्से में बीते 13 महीनों में 39 सड़क दुर्घटनाओं में 21 दोपहिया सवारों की मौत हो चुकी है। वहीं 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालत यह है कि इस 16 किमी के दायरे में औसतन हर सप्ताह दो से तीन गंभीर हादसे हो रहे हैं।
हाल के प्रमुख हादसे
केस 1 : 18 फरवरी 2026 को वाराणसी के आदमपुर निवासी जैद खान (24) को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी देर रात ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई।
केस 2 : 12 फरवरी 2026 को गोनौली गांव के समीप ट्रेलर की टक्कर से आवेश कन्नौजिया (20) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी फहद (19) गंभीर रूप से घायल हो गया।
केस 3 : 9 फरवरी 2026 को मोढ़ेला बाजार के पास ट्रेलर की चपेट में आने से बरइछाबीर निवासी आकाश यादव की मौत हो गई।
केस 4 : 24 जनवरी 2026 को मोढ़ेला बाजार के पास ट्रेलर की चपेट में आने से गाजीपुर निवासी भोली चौहान की मौत हो गई, पति बुल्लू चौहान गंभीर रूप से घायल हुए।
गंभीर रूप से घायलों के मामले
11 फरवरी : चंदवक बाजार के पास कार की टक्कर से अमरनाथ यादव और ढाई वर्षीय नाती विराट गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों का इलाज चल रहा है।
10 जनवरी : रामगढ़ के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दंपती विनोद कुमार और पत्नी सुशीला घायल हो गईं। हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
4 जनवरी : मोढ़ेला बाजार के पास सड़क किनारे खड़ी हाइवा में कार टकराने से गुड्डू गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रक चालक भाग गया।
हर बार चपेट में आए दोपहिया सवार
इन सभी हादसों में एक बात समान रही कि अधिकतर मृतक या घायल दोपहिया वाहन चालक/सवार थे। ज्यादातर दुर्घटनाएं ट्रक, ट्रेलर और अन्य भारी वाहनों की चपेट में आने से हुईं।
रोज गुजरते हैं चार हजार वाहन
जिले की सीमा पर बने टिसौरा वाराणसी टोल प्लाजा के मैनेजर सुनील राय ने बताया कि मार्ग से प्रतिदिन 3500 से 4000 चार पहिया और बड़े वाहन गुजरते हैं। इसमें लगभग दो हजार ट्रक और ट्रेलर शामिल हैं। इस टोल से गुजरने वाले चार हजार वाहनों में से करीब 95 फीसदी वाहन अर्थात लगभग साढ़े तीन हजार से अधिक वाहन चंदवक बाजार से होकर गुजरते हैं, इससे 16 किमी के दायरे में भारी यातायात दबाव बना रहता है। क्षेत्रीय नागरिकों ने सड़क चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने, स्पीड कंट्रोल उपाय, सर्विस लेन निर्माण और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि राहगीरों की सुरक्षा के लिए जल्द से जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह 16 किमी का हिस्सा भयावह साबित हो सकता है।