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हादसे का दावत दे रहे बिजली के तारों पर लटकती डाली

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जौनपुर। मानसून आने में कुछ ही दिन शेष है, लेकिन अभी तक शहर से लेकर गांवों तक बिजली के खंभों व तारों के समीप स्थित पेडों की छटाई नहीं हुई है। कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाओं के बीच तार उलझ रहे हैं। ऐसे में संबंधित अधिकारियों के उदासीनता कभी भी भारी पड़ सकती है।
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मानसून अब धीरे-धीरे दस्तक देना शुरू कर रहा है। चार दिन पहले हुई आंधी और बारिश से कई जगह पेड़ गिर गए थे, बिजली के तार भी टूट गए थे। जिससे बिजली बाधित हुई थी। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिजली के तारों पर पेड़ों की डाल लटकी हुई । शहर में जोगियापुर, रूहट्टा, शेखपुर, चौकिया समेत कई जगहों पर विद्युत खंभे व तारों पर पेड़ों की छाल लटकी हुई है। बदलापुर: नगर में उपकेंद्र से की जा रही विद्युत आपूर्ति पुराने व जर्जर तारों से की जा रही है। जर्जर तार उसरा बाजार से लेकर जगह-जगह पेड़ की डालियों के बीच से गुजरा है। जिससे आए दिन डालियों के टकराने से स्पार्किगिं होती है। एसडीओ रंजीत कुमार ने बताया कि जल्द ही पेड़ों की छटाई कराए जाने का इंतजाम किया जा रहा है। राजाबाजार: क्षेत्र में 440 वोल्टेज से लेकर 11 हजार वोल्टेज की सप्लाई जर्जर तारों में संचालित हो रही है। पेडों की टहनियों के बीच से हो कर जाने वाले जर्जर तार आधी तूफान व स्पार्क से आये दिन टूटकर गिरते रहते है किसी भी समय भारी हादसा हो सकती है। गद्दोपुर बाजार से होकर टावर तक जाने वाला 11 हजार वोल्टेज का जर्जर तार पेडों की टहनियों से टकराकर आये दिन सड़क पर गिरता है। वहीं चरियाही गांव में चौरा माता के समीप आये दिन तर टूटने की शिकायतें रहती है।
इस संबंध में एसडीओ बदलापुर रंजीत कुमार का कहना है कि लटकते तारों की समस्याओं का जल्द ही निदान करा दिया जाएगा।
मछलीशहर: क्षेत्र में लटकते तार तेज हवा के झोंके से आपस में उलझ जाते है। विद्युत आपूर्ति शुरू होते ही स्पार्किगिं कर टूट कर गिर जाते है। बरसात के मौसम में बिजली की आपूर्ति ठप हो जाती हैं। केराकत: तहसील मुख्यालय होने के बावजूद यहा लंबे समय से विद्युत तार झूल रहे हैं। कई स्थानों पर तारों को जोड़कर उपयोग में लिए जा रहे हैं, तो कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाओं के बीच तार उलझ रहे हैं। ऐसे में अक्सर हादसा होने का डर बना रहता है। विकास खण्ड केराकत के बेहड़ा, उदयचंद्र पुर, बासबारी, तरीयारी, पेसरा, छितौना, रघ्घूपुर समेत कई गांवों में जर्जर तार व पेड़ से सटे व जमीन में उगे हरी लताओं से बिजली के खंभे के ऊपर तक चढ़े है। जिससे खतरा बना हुआ है। रघूपुर गांव निवासी नवीन सिंह, अनूप सिंह ने बताया कि पेड़ों की छटाई नहीं होने से खतरा बना हुआ है। बक्शा: क्षेत्र के गोरियापुर व सवंसा उपकेंद्र से की जा रही विद्युत आपूर्ति पुराने व जर्जर तारों के सहारे चल रही है। उपकेंद्र के प्रत्येक गांव में जगह-जगह पेड़ की डालियों के बीच से तार गया हुआ है। जिससे आए दिन डालियों के टकराने से स्पार्किगिं होती है।
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के तारों से टकरा रही पेड़ों की डालियों को हटवाया जाएगा। मानसून के पहले शतप्रतिशत पेड़ों की छटाई करा दी जाएगी।
-नजम अहमद अधिसाशी अभियंता विद्युत तृतीया
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