जौनपुर। सरकार व जिला प्रशासन की ओर से जल संरक्षण के लिए तमाम कवायद की जा रही है लेकिन बढ़ती आबादी और दोहन के कारण भूगर्भ जलस्तर दिन पर दिन गिरता जा रहा है। मार्च 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक जौनपुर का भूगर्भ जलस्तर 77.72 मीटर है जो पिछले वर्ष से पांच मीटर घटा है। 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक जिले का जलस्तर 72.67 मीटर था। दो ब्लॉक बदलापुर और महाराजगंज का जलस्तर इतना कम हो गया कि इन्हें वर्ष 2022 से ही क्रिटिकल श्रेणी में रखा गया है। यहां नई बोरिंग करने की मनाही है। इससे सबसे अधिक परेशानी किसानों को सिंचाई को लेकर हो रही है।भूगर्भ जल विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बदलापुर का जलस्तर दो वर्षों में तीन मीटर नीचे खिसका है। जलस्तर 9 मीटर पर था जो खिसक कर 12 मीटर पर आ गया है। ऐसे ही महाराजगंज में जो दो वर्ष पहले जलस्तर 12 मीटर पर था लेकिन वर्तमान में 13.4 मीटर पर आ गया है। इनके अलावा सेमी क्रिटिकल जोन में करंजाकला, मुप्तीगंज, धर्मापुर, रामनगर, केराकत, सिरकोनी, सिकरार, बक्शा को शामिल किया गया है। बाकी सभी ब्लॉक सेफ जोन में हैं। अतिदोहित व डार्क एक भी ब्लॉक नहीं है। लघु सिंचाई विभाग की ओर से क्रिटिकल जोन वाले ब्लॉकों में 2009 से अब तक 78 चेक डैम बनाए गए हैं। इसमें से बदलापुर में 70 चेकडैम, महाराजगंज में आठ चेकडैम बने है। इसके अलावा वर्षा जल संचयन के लिए करीब 122 सरकारी भवनों में रूफटॉप हार्वेस्टिंग (यानी छत पर बारिश के पानी को इकट्ठा करना) का निर्माण कराया गया है। बदलापुर में लघु सिंचाई के तहत दो तालाब बन चुके हैं तो दो निर्माणाधीन है। महाराजगंज में एक तालाब का निर्माण कराया जा रहा है। सेमी क्रिटिकल जोन वाले सात ब्लॉकों में अब तक करीब 20 चेक डैम व आठ तालाब बनाए गए हैं।
जौनपुर शहरवासियों को प्रतिदिन सुबह-शाम 36 एमएलडी पानी की आपूर्ति होती है। इसके लिए 18 बड़े नलकूप, 96 मिनी नलकूप से पानी की सप्लाई की जाती है। जलकल के जलकल की अवर अभियंता रागिनी मौर्या ने बताया है कि रसूलाबाद में पानी की जलस्तर नीचे होने से पानी की समस्या हो रही है। हालांकि यहां टैंकर से भी पानी उपलब्ध कराया जाता है।
जिले के दो ब्लाॅक महराजगंज व बदलापुर क्रिटिकल श्रेणी में है। इसमें सुधार के लिए तालाब, चेकडैम, पौधरोपण, रूफटॉप हार्वेस्टिंग, कंची बंधी बनाने का काम किया जा रहा है।-अरविंद राय, सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग