जौनपुर। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर तीन दिवसीय समारोह का रविवार को शुभारंभ हुआ। कलेक्ट्रेट प्रेक्षागृह में राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने उद्यान, कृषि, उद्योग, श्रम सहित अन्य विभागों की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि, प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान विभागों की ओर से परिसर में स्टॉल भी लगाए गए।
राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के तहत महिला, किसान, युवा सबका विकास-सबका सम्मान की थीम पर यूपी दिवस मना रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग को रोजगार मुहैया कराते हुए आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में राज्य मंत्री ने उद्योग विभाग की स्वरोजगार योजना के अंतर्गत चंद्रकेतु सिंह, पिंकी गिरी, सर्वेश, अजय कुमार यादव व सलमान खान को ओडीओपी के लिए करीब 70 लाख रुपये का चेक, पीएमईजीपी एवं टूलकिट प्रशिक्षण योजना के तहत विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में मुन्ना हलवाई, नीलम पाल, नंदलाल मौर्य, विद्या देवी, शिवेंद्र शर्मा को टूल किट दिया गया। भारती सरोज, संतोषी, खुशवंत, सोनू पटेल, अनीता को भी प्रशिक्षण के बाद टूलकिट प्रदान किया गया। कार्यक्रम में विधायक मड़ियाहूं लीना तिवारी और सांसद मछलीशहर के प्रतिनिधि मुन्ना पटेल ने कृषि एवं उद्यान विभाग के कुल 14 प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र, कौशल विभाग के पांच लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र और श्रम विभाग के चिकित्सा सुविधा के अंतर्गत 1285 लाभार्थियों को 3000 रुपये प्रति श्रमिक उनके खाते में स्थानांतरित किया। संत रविदास शिक्षा सहायता के अंतर्गत 100 लाभार्थियों के पुत्रों एवं पुत्रियों को साइकिल दी गई। इस मौके पर डीएम मनीष कुमार वर्मा, सीआरओ राजकुमार द्विवेदी, एडीएम रामप्रकाश, डीडीओ बीबी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अनिल अग्निहोत्री, जिला सेवायोजन अधिकारी राजीव सिंह, कुलदीप सिंह, उपायुक्त उद्योग एसएस रावत आदि मौजूद रहे। संचालन जय प्रकाश ने किया।
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साइकिल लेकर खड़ी रहीं बेटियां, घंटों बाद थमाई गई चाभी
जौनपुर। एक तरफ सरकार बालिकाओं के सम्मान के लिए राष्ट्रीय बालिका दिवस मना रही थी तो दूसरी ओर बालिकाओं की उपेक्षा भी जारी थी। यूपी दिवस के कार्यक्रम में साइकिल के इंतजार में बालिकाओं को भूखे-प्यासे घंटों खड़ा रखा गया। जब पैर जवाब देने लगे तो कई बेटियां साइकिल के कैरियर पर ही बैठ गईं। मंत्री का जब भाषण समाप्त हुआ, तब बेटियों को अपराह्न करीब सवा दो बजे साइकिल की चाभी देकर घरों को भेजा गया। एक लाभार्थी ने बताया कि भूखे-प्यासे उसकी हालत खराब हो गई। विभाग की तरफ से समय से साइकिल तो दे दी गई थी, लेकिन मंत्री का भाषण समाप्त होने तक का इंतजार भारी पड़ गया।