मनहन गांव में रविवार को पोल पर चढ़े लाइनमैन की करेंट से झुलस कर मौत हो गई। घटना से गुस्साए लोगों ने सिरकोनी बाजार में शव को सड़क पर रख कर हाईवे जाम कर दिया।
आश्रितों को आर्थिक मदद और परिवार के किसी एक सदस्य को संविदा पर नौैकरी देने के आश्वासन पर डेढ़ घंटे बाद यातायात बहाल हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बैरीपुर गांव निवासी मुन्ना गौड़ (32) बिजली विभाग में बतौर लाइनमैन काम करता था। रविवार को दोपहर करीब 12 बजे वह मनहन गांव में तार ठीक करने के लिए पोल पर चढ़ा था। वह तार ठीक कर रहा था तभी उपकेंद्र से सप्लाई
चालू कर दी गई। इससे करेंट लगते ही वह आग का गोला बनकर जमीन पर गिर पड़ा। ग्रामीणों ने घटना की सूचना बिजली विभाग के अधिकारियों को दी और एंबुलेंस से उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर पहुंचाया। स्वास्थ्य केंद्र पर
डा. आरके सिंह ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद घटना से गुस्साए परिवारीजन और ग्रामीण शव को लेकर सिरकोनी बाजार पहुंचे और यूनियन बैंक के सामने सड़क पर रख वाराणसी-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर
दिया। परिवार के लोगों का आरोप था कि विभाग की लापरवाही से मुन्ना की जान गई। सड़क के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष जलालपुर आशुतोष तिवारी, थानाध्यक्ष जफराबाद
अनुपम श्रीवास्तव मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जाम समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन लोगों के आक्रोश के आगे उनकी एक न चली। सीओ केराकत एके सिंह और तहसीलदार केएन तिवारी मौैके पर पहुंचे।
तहसीलदार ने किसान दुर्घटना बीमा का पांच लाख, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना से बीस हजार, मृतक की पत्नी को पेंशन, देने का आश्वासन दिया। विद्युत विभाग ने बीमा कंपनी से दो लाख, कांट्रैक्टर और विभाग की ओर से एक लाख
रुपये आश्रितों को आर्थिक मदद दिए जाने और परिवार के किसी एक सदस्य को बिजली विभाग में संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया तो लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इस आश्वासन पर डेढ़ घंटे बाद यातायात बहाल हो सका। मृतक के छोटे भाई जितेंद्र ने पुलिस को तहरीर दी है।