कान्हामऊ गांव के करीब नहर के पुलिया के पास बृहस्पतिवार की रात एक नवजात बालिका पाई गई है। वहां से गुजर रहे लोगों ने उसके रोने की आवाज सुनी। पुलिस की और चाइल्ड लाइन की सक्रियता के कारण उसकी जान बच गई।
मछलीशहर कोतवाली के कान्हापुर गांव के पास से गुजरे नहर के पुलिया के पास बृहस्पतिवार की रात करीब 9 बजे कुछ लोगों ने किसी बच्चे की रोने की आवाज सुनी। उन्हें नहर किनारे झुरमुट में एक नवजात बच्ची कपड़े में लपेटी पड़ी मिली। लोगों ने इनकी सूचना मछलीशहर पुलिस को दी। साथ ही रात साढ़े नौ बजे चाइल्ड लाइन के ट्रोल फ्री नंबर 1098 पर दी। जहां से इसकी जानकारी जिले में चाइल्ड लाइन टीम के जिला समन्यवक राज कुमार पांडेय को मिली। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मछलीशहर के चिकित्सकों से संपर्क किया। वहीं, बच्ची को लेकर पुलिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गई। जहां कागजी कार्रवाई के बाद सब इंस्पेक्टर भगवान यादव ने नवजात को भर्ती कराया। डॉक्टर अमरेश चन्द्र अग्रहरि ने बताया कि नवजात स्वस्थ है। उसका वजन थोड़ा क म था। इसपर चाइल्ड लाइन के अनुरोध पर रात डेढ़ बजे उसे जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जहां एसएनसीयू में रखा गया है। यहां बच्ची की देखरेख के लिए चाइल्ड केयर के जिला समन्वयक राज कुमार पांडेय, शालिनी सिंह, रुपेश पांडेय, सुभाष चंद्र यादव में लग गए।
कोतवाल ने रखा अनामिका नाम
कोतवाल दिनेश प्रकाश पांडेय ने बताया कि बच्ची को चाइल्ड लाइन जौनपुर में भेज दिया गया है। बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है । उसका नाम अनामिका रखा गया है। वहीं कोतवाली में तैनात सिपाही संदीप यादव और उनकी पत्नी ने अनामिका को कानूनी औपचारिकता पूरी करके गोद लेने की इच्छा जताई है। कोतवाल दिनेश प्रकाश पांडेय ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने पांच हजार रुपये का पुरस्कार पुलिस टीम को दिया है।