शहर परमानतपुर स्थित राजगढ़ कालोनी में कोशिश की ओर से आयोजित कवि गोष्ठी और मुशायरा में कवि और शायरों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम की शुरूआत गीता श्रीवास्तव द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। अशोक मिश्र की रचना लोहिया जी का गांव यह कब होगा संतृप्त, जो भी रहे परोसते लौटे होकर तृप्त को सभी ने खूब सराहा।
जनार्दन अस्थाना के गीत आज पुराना घाव पिराया बहुत दिनों के बाद, ने संवेदना का भाव प्रस्तुत किया। गिरीश ने लोक भाषा के छंदों द्वारा गांव की पीड़ा को रेखांकित किया।
डा. पीसी विश्वकर्मा की शायरी पास होता है बजट और फेल होता है गरीब। अनिल उपाध्याय की रचना ने वर्तमान परिस्थितियों पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में टीडी कालेज के प्राचार्य डा. यूपी सिंह, पूर्व कुलपति प्रो. कीर्ति सिंह, डा. राधेश्याम सिंह, डा. अरुण कुमार सिंह, समर बहादुर सिंह, डा. राजीव प्रताप सिंह, डा. एसपी सिंह, डा. जीसी चौबे, डा. ज्ञानानंद शुक्ला, डा. राकेश सिंह,
राहुल सिंह, डा. राम मोहन सिंह, डा. सुभ्रा सिंह, सपा नेता सुशील सिंह, डा. अनिल प्रताप सिंह, डा. बीएन तिवारी आदि मौजूद थे। अध्यक्षता प्रो. आरएन सिंह ने की। डा. एमपी सिंह ने आभार जताया।