केराकत। विकास खंड केराकत और जलालपुर के 12 से अधिक ग्राम सभाओं से होकर गुजरने वाली नहरों में पानी नहींं छोड़े जाने से धान की रोपाई का कार्य प्रभावित है। धान की नर्सरी तैयार करने में भी किसानों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। किसानों के ऑनलाइन शिकायत की स्थिति जस की तस बनी हुई है। किसानों का कहना है कि आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचा हुआ है।
रजवाहा केराकत नहर में हर वर्ष सफाई का कार्य किया जाता है। क्षेत्र के सोहनी, नाऊपुर, थानागद्दी, बराई, नुवाव, गोपीपुर, रुदलपुर, जमुआ, भेड़िया, शिवरामपुर, असौआ, अपमानपट्टी, जखिया, उदपुर, बेहड़ा, मरही, समेत दर्जनों ग्रामसभाओं से होकर गुजरने वाली नहरें सूखी पड़ी हैं। जिसके चलते धान की रोपाई का काम प्रभावित हो रहा है। मोढ़ेला के पास टेल तक पानी पहुंचने की बात तो दूर उसके पहले के ग्रामसभाओं के किसान भी सिंचाई को लेकर परेशान हैं। कुछ किसान लगभग एक किलोमीटर दूर से मशीन से पानी लेकर आ रहे हैं, तो वही कुछ किसान बोरिंग कराने के लिए विवश हैं।
पूर्व विधायक दिनेश चौधरी ने 2021-22 में चार करोड़ 30 लाख 58 हजार की लागत से टंडवा पम्प कैनाल का जीणोद्धार कराने की कवायद शुरू की थी, वह इसलिए कि यदि युदि मुख्य नहर में पानी किसी तरह बाधित हो रहा है, तो इस कैनाल से किसानों को बेहतर आपूर्ति कराई जा सके, लेकिन स्थिती जस की तस बनी हुई है।