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'स्मृतियों में नारी विमर्श ' पुस्तक का हुआ विमोचन

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पूविवि के विशेश्ववरैया सभागार में स्मृतियों में नारी विमर्श पुस्तक का लोकार्पण करतीं कुलपति प्? - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग संस्थान के विशेश्ववरैया सभागार में विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ. महेंद्र प्रताप यादव की पुस्तक ‘स्मृतियों में नारी विमर्श’ (हिंदू विधि के आलोक में) का लोकार्पण महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एवं रांची विवि के पूर्व कुलपति प्रो. सुरेंद्र सिंह कुशवाहा ने किया। वैदिक काल से लेकर आज तक के नारियों के योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई।
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उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता पर चर्चा करते हुए कहा विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम इंडस्ट्री पर आधारित होने चाहिए तभी रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। गुणवत्तापरक शिक्षा के विद्यार्थियों और शिक्षकों को टिप्स दिए। पूर्व प्राचार्य डॉ. मनराज यादव ने महिला विमर्श पर विस्तार से चर्चा की। विशिष्ट अतिथि कांशी हिंदू विश्वविद्यालय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. विभा त्रिपाठी ने कहा कि स्त्रियां मंत्रदृष्टा थी। समय के साथ परिवर्तन आया मगर उनकी स्थिति में कोई ठहराव नहीं आया। महिलायें घर के दहलीज से निकलकर पति, बेटे , समाज और विश्व के प्रबंधन को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक की थीम महत्वपूर्ण है। इसमें नारी जगत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का विस्तृत विवरण है। अध्यक्षता कर रही कुलपति प्रो. निर्मला एस. मौर्य ने शास्त्रों का वर्णन करते हुए कहा कि नारी के बिना पुरुष अधूरा है। सत्यम शिवम सुंदरम इसे परिभाषित करता है। नारी विमर्श के लिए यह पुस्तक बहुत लाभकारी होगी। संकायाध्यक्ष प्रो.बीबी तिवारी ने स्वागत किया। संचालन डॉ. संतोष कुमार व आभार डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह ने जताया। इस अवसर पर प्रो.बीडी शर्मा, प्रो.वंदना राय, प्रो.एके श्रीवास्तव, प्रो.देवराज सिंह, डॉ.संतोष कुमार, डॉ.राज कुमार, डॉ.प्रमोद यादव, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. सुनील कुमार, डॉ मनोज मिश्र, डॉ. रजनीश भास्कर, डॉ. नुपुर तिवारी, डा. रवि प्रकाश, करुणा निराला, डॉ. प्रमिला यादव आदि मौजूद थी।
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