जौनपुर। जल्द ही जिले में पुलिस थानों की संख्या 28 से बढ़कर 29 हो जाएगी। तेजीबाजार में नया थाना खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। राजस्व विभाग इसके लिए जमीन तलाश रहा है। बदलापुर, महराजगंज और बक्शा थाने की सीमा में कटौती कर नए थाने को मूर्त रूप दिया जाएगा। इसका प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र ही शासन को भेज दिया जाएगा। बढ़ते अपराध पर प्रभावी नियंत्रण में नए थाने से सहूलियत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
तकरीबन 57 लाख की आबादी वाले जिले में अभी महिला थाना समेत कुल 28 थाने हैं। थानों की यह संख्या लंबे समय से जस की तस है, जबकि इस बीच आबादी और अपराध में तेजी से इजाफा हुआ है। इसके मद्देनजर अब पुलिस विभाग नया थाना खोलने की तैयारी में जुट गया है। फिलहाल इसके लिए तेजीबाजार को चुना गया है। बक्शा, बदलापुर और महराजगंज थाने की सीमा पर स्थित यह प्रमुख बाजार है। यहां महराजगंज थाने के अंतर्गत पहले से चौकी स्थापित है, लेकिन थाने से 15 किमी की दूरी के कारण लोग अक्सर वहां तक नहीं पहुंच पाते। बदलापुर और बक्शा थाने से भी तेजी बाजार की दूरी 12 से 15 किलोमीटर है। किसी भी घटना-दुर्घटना की स्थिति में नजदीकी थानों से फोर्स पहुंचने में ही काफी समय लग जाता है। दूसरी ओर बक्शा और महराजगंज थाने में गांवों की संख्या अधिक होने से भी पुलिस पर काम का दबाव अधिक रहता है। ऐसे में नया थाना स्थापित होने से तीनों थानों में न सिर्फ गांवों की संख्या कम हो जाएगी बल्कि अपराध नियंत्रण में भी पुलिस को काफी सहूलियत मिल सकेगी।
थानों से दूरी का पड़ता है असर
महराजगंज थाना क्षेत्र में अभी तक 143 राजस्व गांव हैं जबकि बक्शा में 140 और बदलापुर में 78 गांव शामिल हैं। तेजी बाजार के निकट स्थित भुतहां, शेखपुर, चितौड़ी, गौरा खुर्द, गौरी कला समेत आसपास के कई गांव बक्शा थाना क्षेत्र में हैं और इन गांवों की थाने से दूरी 12 से 15 किलोमीटर से भी अधिक है। महराजगंज थाने से भी खोभरिया, खैरपारा, सराय विभार, सहोदरपुर, दांदूपुर आदि गांवों की दूरी 12 से 15 किलोमीटर से भी अधिक है। बदलापुर थाने में 78 गांव हैं। ऐसे में पुलिस बक्शा और महराजगंज थाने से 60 से 70 और बदलापुर थाने से 5 से 10 गांवों को अलग कर 70 से 80 गांवों को मिलाकर नया थाना स्थापित हो जाएगा तो पुलिस का दबाव काफी कम हो जाएगा।
बढ़ेगा अतिरिक्त स्टाफ
तेजीबाजार अभी चौकी है। यहां एक इंचार्ज के अलावा पांच-छह पुलिसकर्मी तैनात हैं। लंबा क्षेत्र होने के कारण उन्हें रुटीन गश्त में भी दिक्कतें होती है। थाना बनने पर यहां एक प्रभारी, एक इंस्पेक्टर अपराध, चार-पांच एसआई, 20-22 अन्य पुलिसकर्मी होंगे। स्टाफ बढ़ने से पुलिस को कामकाज में भी सहूलियत होगी।
तेजीबाजार में नए थाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही इसे शासन को भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलते ही नए थाने को अस्तित्व में लाने की कवायद शुरू कर दी जाएगी। नया थाना बनने से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण में सहूलियत होगी।
-राजकरन नय्यर, एसपी।