रणजीत राजभर के मुताबिक गांव में किसी से कोई रंजिश नहीं है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर शव लटक रहा था, वहां तक दूर से ही घसीटने का निशान बना हुआ है। शिवकुमार की खैनी की डिब्बी घटनास्थल से 100 मीटर दूर कीचड़ के पास से मिली है। जिस गमछा से फंदा लगा था वह पेड़ की डाल में बंधा नहीं था और लपेटा हुआ था। शिवकुमार का पैर जमीन छू रहा था। शरीर पर गीली मिट्टी लगी हुई थी।
इस बाबत प्रभारी निरीक्षक गजानंद चौबे ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। मौत के सही कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर चलेगा। मामले की जांच की जा रही है।