चंदवक। चंदवक घाट पर मंगलवार रात हुई गोलीकांड की घटना में 17 वर्षीय ओम प्रसाद की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। मृतक का पिता और आरोपी सफाईकर्मी देवीदीन का विवादों से पुराना नाता रहा है। यह पहली बार नहीं है जब उसने हथियार उठाया हो। इससे पहले भी वह गोली चला चुका है और जेल भी जा चुका है।ग्रामीणों के मुताबिक करीब 13 वर्ष पूर्व देवीदीन एक बरात में बंदूक लेकर जाने की जिद पर अड़ा था। बड़े भाई ने विरोध किया तो दोनों में झगड़ा हो गया था। मामले को शांत कराने के लिए मां ने पड़ोसी जवाहिर को बुलाया था। जवाहिर के आने पर देवीदीन ने उसी बंदूक से फायर झोंक दिया था। इस मामले में वह जेल गया और सात माह तक निलंबित भी रहा। हालांकि, कुछ वर्षों बाद वर्ष 2015 में दोनों पक्षों में समझौता हो गया और 2019 में हाईकोर्ट के आदेश पर उसकी लाइसेंसी बंदूक उसे वापस मिल गई। हथियार मिलने के बाद भी उसका व्यवहार नहीं बदला। देवीदीन शराब का आदी है और अक्सर किसी न किसी से विवाद करता रहता है। कुछ माह पूर्व उसने राजस्व कर्मियों से भी झगड़ा किया था। उसकी नौकरी सफाईकर्मी की थी, लेकिन गांव में काम न करने को लेकर शिकायतें होती रही हैं। इसके चलते उसका अक्सर तबादला भी हुआ। मंगलवार रात एक मामूली घरेलू विवाद ने भयावह रूप ले लिया। पड़ोसियों से झगड़े की सूचना पर देवीदीन ने बंदूक उठाकर पड़ोसियों को सबक सिखाने की मंशा से गोली चला दी। लेकिन तभी उसका 17 वर्षीय बेटा ओम प्रसाद उसे रोकने के लिए आगे आया, और दुर्भाग्य से गोली उसी के पेट में जा लगी। गंभीर रूप से घायल ओम की इलाज के दौरान ही मौत हो गई। थाना प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।