वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई। गुरुवार को तीसरे दिन भी कर्मचारियों का अनशन जारी रहा।
तीन सूत्री मांगों के लेकर सुबह ही कर्मचारी संघ प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक शासन और विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारी संघ की समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं।
शिक्षक संघ भी कर्मचारी संघ के समर्थन में उतर गया है। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा. अनिल प्रताप सिंह, डा. जगदीश सिंह दीक्षित, डा. राकेश सिंह, डा. आरएन त्रिपाठी, डा. विजय प्रताप तिवारी ने अपना समर्थन दिया।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामजी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में तैनात जिन शिक्षकों और कर्मचारियों की मौत हो चुकी है उनके आश्रितों को अभी तक नौकरी पर नहीं रखा गया।
संघ ने कई बार शासन और विवि प्रशासन को पत्र लिखकर अपनी समस्या से अवगत कराया लेकिन उनकी समस्या की अनसुनी कर दी जा रही है। बुधवार को रजिस्ट्रार ने वार्ता के लिए शाम 4.30 बजे का समय दिया था।
संघ के लिए कुलपति कार्यालय में वार्ता के लिए गए थे। करीब आधे घंटे तक इंतजार किए लेकिन कोई भी अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा।
संघ के पूर्व अध्यक्ष शिव नारायण सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन संघ की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा है। यदि कर्मचारियों की मांगे पूरी नहीं की गई तो संघ के पदाधिकारी आमरण अनशन शुरू करने को बाध्य होंगे। धरना सभा में सुरेश श्रीवास्तव, शांति प्रकाश मिश्रा, संपूर्णांनंद पांडेय, कयामुद्दीन आदि मौजूद थे।