नगर पालिका द्वारा गोमती के घाटो पर फेंके जा रहे कूड़े से गुस्साए स्वच्छ गोमती अभियान के कार्यकर्ता गुरुवार को शहर कोतवाली पहुंचे। जहां उन्होंने नगर पालिका परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की तहरीर इंस्पेक्टर को दी।
नगर पालिका द्वारा शहर के कूड़ों को गोमती के विभिन्न घाटों पर फेंककर डंपिंग जोन बना दिया गया है। इसका खुलासा अमर उजाला ने किया था। इसके बाद स्वच्छ गोमती अभियान के कार्यकर्ताओं का एक दल गुरुवार को कोतवाली पहुंचा। जहां उन्होंने कहा कि नगर पालिका द्वारा नदी में कूड़ा का अंबार लगाकर संक्रामक बीमारी फैलाई जा रही है और धार्मिक
भावनाओं को आघात पहुंचाया जा रहा है। अभियान के संयोजक गौतम गुप्ता ने कहा कि एक तरफ डीएम तालाबों की सफाई करा रहे हैं और दूसरी तरफ जीवन दायिनी गोमती नदी के तट पर कूड़ों का ढेर लगाकर गंदगी का अंबार लगा दिया गया है। जो विधि विरुद्ध है।
कहा कि शहर की गंदगी नदी में फेंकने के मामले में नगर पालिका के खिलाफ केस दर्ज कर कार्यवाही नही की गई तो अभियान के कार्यकर्ता चुप नही बैठेंगे। इस दौरान राजेंद्र विश्वकर्मा, मोहनी शुक्ला, मनीष सेठ, मनू रिजवी, कृपा सिन्धू, प्रदीप जायसवाल, आलोक, अंकित आदि उपस्थित रहे।