टप्पेबाजी के आरोपी की शनिवार को सुबह पुलिस अभिरक्षा में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने शौचालय में रस्सी के सहारे फंदे पर लटककर जान दे दी। पुलिस अभिरक्षा में युवक के हाथ रस्सी लगने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। घटना के छह घंटे बाद आरोपी का शव जिला अस्पताल पहुंचाया गया और वहां से लिखापढ़ी के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शाहगंज क्षेत्र के बडौना गांव निवासी मटरू (52) पुत्र सहदेव को उचक्कागिरी के मामले में पुलिस पकड़कर थाने लाई थी। पुलिस के मुताबिक शनिवार को सुबह तकरीबन आठ बजे शौचालय में आरोपी ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को छह घंटे बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा। क्षेत्राधिकारी अजीत सिंह चौहान ने बताया कि सरपतहां थानाक्षेत्र के गजरिया गांव निवासी जमील बृहस्पतिवार को सुबह कैफियत एक्सप्रेस ट्रेन से घर आ रहा था। शाहगंज स्टेशन उतरकर वह पैदल घर के लिए निकला था।
उसी दौरान बाइक सवार मटरू और उसके साथी जमील ने घर छोड़ने की बात कहकर उसे बाइक पर बैठा लिया। कुछ दूर पहुंचने पर बाइक सवार ने अपना गमछा गिराकर जमील से उठाकर लाने की बात कही। जब जमील गमछा लेने बाइक से उतरकर कुछ दूर गया तो उसी दौरान उसका बैग लेकर बाइक सवार मटरू अपने साथी संग फरार हो गया। भुक्तभोगी के मुताबिक बैग में 35 हजार रुपये नकद थे। शुक्रवार शाम तहसील परिसर के समीप जमील ने आरोपित मटरू को देखा तो उसे पकड़कर थाने ले आया। पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर आरोपी मटरू को पूछताछ के लिए बैठा लिया। शनिवार को सुबह पुलिस परिसर में बने शौचालय में उसने ने फंदे से लटक कर जान दे दी। उधर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि पुलिस कस्टडी में उसे रस्सी कैसे मिल गई। एएसपी सिटी अरविंद वर्मा ने कहा कि टप्पेबाजी की शिकायत करने वाले जमील को भी थाने बुलाकर पूछताछ की जा रही है।