जौनपुर। टीईटी में दूसरे के स्थान पर सॉल्वर बैठाने के मामले में गिरफ्तार सहायक अध्यापक को बृहस्पतिवार को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही शिक्षा मित्र की भी सेवा समाप्त कर दी गई है। पुलिस की रिपोर्ट के बाद बीएसए डॉ.राजेंद्र सिह ने यह कार्रवाई की है।
महराजगंज विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय उमरीखुर्द में तैनात सहायक अध्यापक संतोष कुमार निवासी जलालपुर थाना सरायख्वाजा और उसी विद्यालय में तैनात शिक्षामित्र भीम शंकर को लाइन बाजार थाने की पुलिस बुधवार को टीईटी में धांधली कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है। शित्रामित्र भीमशंकर और सहायक अध्यापक संतोष कुमार यादव पर आरोप है कि उन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा में धांधली की कोशिश की है। अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का भरोसा देकर उनसे पैसे लिए और उनके स्थान पर किसी दूसरे को परीक्षा में बैठाने का काम किया। पुलिस ने इन पर कूटरचना, धोखाधड़ी, साजिश के आरोप में केस दर्ज किए हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि शिक्षामित्र भीमशंकर की सेवा समाप्त कर दी गई है। उधर पुलिस ने बुधवार को तीन साल्वर समेत जिन आठ लोगों को गिरफ्तार किया था उन्हें बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया गया।
नेट पास अभ्यर्थी की परीक्षा दे रहा था इंटर पास सॉल्वर
जौनपुर। शिक्षक पात्रता परीक्षा में दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पकड़े गए जालसाज पास कराने के नाम पर लोगों को ठगने का काम करते थे। पुलिस ने जिन तीन लोगों को दूसरे के नाम पर परीक्षा देने के आरोप में गिरफ्तार किया है, उनमें से कोई भी कभी अपने लिए किसी प्रतियोगी परीक्षा में नहीं बैठा है। गिरोह के लोग परीक्षा पास कराने के नाम पर लोगों को बेवकूफ बनाने का काम करते हैं। वे पहले अभ्यर्थी से 25 से 30 हजार रुपये जमा कराते हैं और परीक्षा पास होने पर डेढ़ से दो लाख तक देने का सौदा करते हैं। उनकी बातों में आकर शिक्षित बेरोजगार ठगी का शिकार हो रहे।
पुलिस की जांच में जो खुलासा हुआ है उसमें सबसे मजेदार बात यह कि सेंट पैट्रिक स्कूल से जिस राकेश कुमार को पकड़ा गया है वह सिर्फ इंटर पास है। जबकि वह प्रेमचंद्र निवासी मुखलिसपुर बदलापुर के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। वह एमए, एमएड और नेट पास है, यानी नेट पास अभ्यर्थी को टीईटी पास कराने के लिए इंटर पास सॉल्वर परीक्षा देने बैठा था। इसी प्रकार जनक कुमारी इंटर कालेज से पकड़ा गया पिंटू कुमार निवासी सरैयापुर थाना इस्लामपुर नालंदा बिहार बीएसएसी पास जरूर है लेकिन उसने कभी अपने लिए किसी प्रतियोगी परीक्षा में भाग नहीं लिया है। लेकिन वह यहां सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के उत्तरपट्टी गांव निवासी यादवेंद्र यादव के स्थान पर परीक्षा दे रहा था। खेतासराय थाना क्षेत्र के खुदौली इंटर कालेज में खुटहन थाना क्षेत्र के जमुनिया गांव निवासी निखल यादव के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया बिहार के नालंदा जिले के मदनपुर निवासी आदित्य कुमार भी कभी अपने लिए कोई प्रतियोगी परीक्षा नहीं दी है।
डीएम कुमार और भीमशंकर हैं ठगी के मास्टर माइंड
जौनपुर। टीईटी में सॉल्वर बैठाने के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठने वाले गिरोह का मास्टर माइंड बिहार का डीएम कुमार और जौनपुर का भीम शंकर है। पुलिस ने इन दोनों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने बताया है इसी महीने में होने वाली हाईकोर्ट की परीक्षा में भी साल्वर बैठाने की तैयारी दोनो ने मिलकर की थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार महराजगंज विकास खंड के उमरीखुर्द गांव निवासी भीमशंकर गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र है और वह वकालत भी करता है। टीईटी की परीक्षा में उसने ही यहां कंडीटेट तलाशे थे। जबकि बिहार के नालंदा जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के विसुनपुर गांव निवासी डीएम कुमार ने साल्वर तैयार किए थे। भीम शंकर और डीएम कुमार के बीच व्हाट्सएप चैट श्रिकार्ड से इस बात का खुलासा हुआ है।
डीएम कुमार को प्रयागराज के किसी एक साथी से भीम शंकर का नंबर मिला था। उसने भीम से प्रतियोगी परीक्षा में काम दिलाने के लिए कहा था। व्हाट्सएप चैट के मुताबिक डीएम कुमार ने एक सॉल्वर के लिए तीस हजार रुपये मांगे तो इसपर भीम ने कहा कि कंडीडेट तीस हजार लेकर वह पूरी रकम देदेगा तो उसे क्या बचेगा। इसपर डीएम कुमार ने कहा कि उसे 27 हजार दे दें और प्रति कंडीडेट वह तीन हजार खुद रख लें। भीम ने कंडीडेटों का एडमिट कार्ड और अभ्यर्थी के हस्ताक्षर का नमूना भी व्हाट्सएप से ही डीएम कुमार को भेजा था जिससे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने वाला सॉल्वर परीक्षा रूम में हस्ताक्षर करने का अभ्यास पहले से कर ले।