जौनपुर। बूंदाबांदी और उमस के चलते रविवार को ठंड का असर काफी कम रहा। सुबह से ही मौसम पूरी तरह से साफ रहा। शाम को हवा चलने के कारण मौसम में कुछ बदलाव जरूर आया लेकिन ठंड में कोई खास इजाफा नहीं हुआ। दोपहर बाद से ही हवा चलनी शुरू हो गई थी। जिसके चलते शाम के समय कुछ ठंड का एहसास हुआ। मौमस में हर दिन आर रहे उतार चढ़ाव से चलते लोगों को काफी परेशानी उठानी पड रही है। कभी पारा दो डिग्री गिर जा रहा है तो कभी दो डिग्री बढोत्तरी दर्ज की जा रही है।
कृषि वैज्ञानिक भी फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के वैज्ञानिक डा. संदीप कुमार का कहना है कि इस समय मौसम में काफी उतार चढाव दिखाई दे रहा है। बदलते हुए मौसम में फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है। गेहूं की फसल में नमी बनाए रखें। हो सके तो यूरिया की ब्रॉडकास्टिंग न करके घुलनशील एनपीके ( 18: 18: 18) की 1.0 - 1.5 प्रतिशत घोल बनाकर छिड़काव करें। सरसों की फसल में घुलनशील सल्फर की 2 ग्राम प्रति लीटर की दर से छिड़काव करें। आलू की फसल में झुलसा की बीमारी लगने की संभावना है। इसलिए आलू की फसल में मैनकोजेब अथवा रिडोमिल फफूंदी नाशक की 2 ग्राम मात्रा प्रति लीटर की दर से छिड़काव करके आलू की फसल को बचाया जा सकता है।