जनपद में सर्द हवाओं के बीच ठंड बढ़ गई है। मंगलावर को शाम होते ही पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे गलन बढ़ जा रही है।
वरिष्ठ वैज्ञानिक सुरेश कुमार कन्नौजिया ने बताया कि अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रहा। यह स्थित दो जनवरी तक रहेगी। सात किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। ऐसे में माना जा रहा है कि जनपद के शीतलहर की चपेट में आने से दुश्वारियां बढ़ेंगी। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी व पश्चिमी विक्षोभ के चलते यह परिवर्तन आया है। कई दिनों से धूप तो खिल रही है लेकिन जनमानस को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार आगामी पांच दिनों में बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन हल्के से मध्यम बादल छाए रहेंगे। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. अभिषेक मिश्रा ने बताया कि ठंड में छोटे बच्चों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। समय से पूर्व जन्म लेने वाले शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए कंगारू मदर केयर का पालन बहुत जरूरी है। क्योंकि समय से पूर्व जन्म लेने वाले शिशु का न सिर्फ वजन कम होता है बल्कि ऐसे शिशु जन्म लेने बाद भी कई तरह की समस्याओं से घिर जाते हैं। वे बताते हैं कि कंगारू मदर केयर एक ऐसा उपाय है, जो कम वजन के साथ जन्म लेने वाले शिशु के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए अपनाया जाता है। इससे शिशु का वजन बढ़ता है। स्तनपान बेहतर होता है। बच्चे का तापमान सही रहता है और वह इन्फेक्शन से दूर रहता है। बच्चे और मां के बीच रिश्ता मजबूत होता है। कंगारू मदर केयर मां के अलावा पिता व परिवार के अन्य सदस्य भी दे सकते हैं। सिर्फ इस दौरान इस बात का ख्याल रखना है कि शिशु को कंगारू मदर केयर की सुविधा देने वाले स्वस्थ हों। ठंड के मौसम में तो कंगारू मदर केयर की महत्ता और बढ़ जाती है। इस उपाय का पालन करने से नवजात के परिजन कई तरह की परेशानी से दूर रहते हैं। साथ ही बच्चे का लालन-पालन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। ठंड के मौसम में नवजात को हाइपोथर्मिया का खतरा अधिक रहता है। किंतु, कंगारू मदर केयर का पालन कर इन परेशानियों को दूर रखा जा सकता है।