सरकारी अस्पताल में हुआ कारनामा
बताया जाता है कि शहर से भी बच्ची के खरीदार वहां पहुंचे थे। इधर जब शोर मचा तो मामला संज्ञान में आते ही चिकित्सधिकारी डॉ. आनंद प्रकाश ने मामले की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद बिकी हुई बच्ची को वापस मंगाया गया। रविवार रात तक नवजात वापस आ गई।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने बिना रजिस्टर में दर्ज करने के मामले पर प्रसव कराने का कारण पूछा और स्पष्टीकरण मांगा है। उधर, प्रसूता के परिजनों की मानें तो किशोरी ने लोकलाज और पैसों की जरूरत के चलते नवजात को बेचने की बात स्वीकार की। मामले की जानकारी चिकित्सा प्रभारी ने सीएमओ को भी दी है।
बोले अधिकारी
मामला संज्ञान में आते ही मैंने थानाध्यक्ष को सूचना दी। स्टाफ नर्स और अन्य जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। रजिस्टर में नाम दर्ज किए बिना प्रसव कैसे कराया गया। इसे गंभीरता से लिया गया है। कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. आनंद प्रकाश, प्रभारी चिकित्सा कंरजाकला