शिक्षक और कर्मचारी संघ ने संयुक्त रूप से अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों की समस्या का निस्तारण कराने की मांग की। शिक्षक और कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कालेज प्रशासन उनका उत्पीड़न कर रहा है। जिसके कारण उनके सामने समस्या खड़ी हो गई है। शिक्षक जब भी अपनी मांग उठाते हैं उनके धमकी देकर दबा दिया जाता है। कालेज प्रशासन नियमों की अनदेखी कर रही है। जिससे छात्रों का उत्पीड़न हो रहा है।
डा. रिजवी लर्नर्स एकेडमी के शिक्षकों द्वारा अभिभावकों एवं बच्चों की समस्या के खिलाफ आवाज उठाने पर शिक्षक के निलंबन पर नाराजगी जताई। कहा कि शिक्षक एवं कर्मचारी संघ बोर्ड के नियमों को पालन करने के लिए तैयार है चाहे वह सीबीएसई बोर्ड हो या यूपी बोर्ड हो। शिक्षकों ने कहा कि किसी भी कीमत पर अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर शिक्षक अनिल शुक्ला ने रिजवी लर्नर्स एकेडमी में व्याप्त विसंगतियों को बताया। कहा कि सीबीएसई नियमावली की अनदेखी कर विद्यालय में 12 वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है।
बिना किसी सूचना के उन्हें अचानक विद्यालय में प्रवेश करने से रोक दिया गया हैं। जबकि मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के लिए शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र दिया गया है। अभिभावक एवं छात्रों के बीच में लोकप्रिय शिक्षक का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता। अधिकारों के लिए आवाज उठाना अगर अनुशासनहीनता है तो यह अनुुुचित है। विद्यालय प्रबंधक द्वारा बिना किसी नोटिस सिर्फ अधिकारों के लिए आवाज उठाने पर विद्यालय से बाहर कर देना मानवीय अधिकारों का हनन है।
हम इसकी लड़ाई अंतिम दम तक लड़ेंगे। प्राथमिक शिक्षक संघ, कर्मचारी संघ, माध्यमिक शिक्षक एवं पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ ने सहयोग का आश्वासन दिया है। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष संतोष सिंह, प्राथमिक के अरविन्द शुक्ल, मोहम्मद असलम, वीरेन्द्र सिंह, रवि यादव, कामरेड कल्लू , लक्ष्मीकांत सिंह, सुनील यादव, एचके सिंह, रानू , कीर्ति सिंह, संजय मिश्र, अमिता सिंह आदि शिक्षक, कर्मचारी रहे।