जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में धरना देते शिक्षक। शिक्षक संघ
जौनपुर। अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक शिक्षक महासभा उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर शिक्षकों के विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करके 25 सूत्री ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा। ज्ञापन में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, प्रदेश सरकार एवं शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा लखनऊ को भेजा। धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश संगठन मंत्री डॉ. प्रेमचंद ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग 2023 में संशोधन करते हुए शिक्षा सेवा नियमावली माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड 1982 की धारा 12, 18 एवं 21 के प्रावधानों को जोड़ा जाए एवं पुनः स्थापित किया जाए। जिलाध्यक्ष अजीत कुमार ने जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए हुए शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। महामंत्री डॉ. योगेंद्र बहादुर ने कहा कि अप्रैल 2005 से नियुक्त समस्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। कोषाध्यक्ष डॉ. रोहित ने कहा की सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का राजकीयकरण किया जाए एवं सभी शिक्षकों से अपील किया कि संगठन को मजबूती के लिए सदस्य ज्यादा से ज्यादा लोग बने। जिला उपाध्यक्ष इंद्रभान ने कहा कि आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए तदर्थ अध्यापकों का विनियमितीकरण करते हुए समस्त सुविधाओं का लाभ दिया जाए। जिला मीडिया प्रभारी एवं जिला उपाध्यक्ष हीरालाल ने कहा कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में सृजित कुल प्रवक्ता पद का 50 फीसदी पदोन्नति आरक्षण के अनुसार भरा जाए। प्रधानाचार्य अरविंद कुमार, राम आशीष, विजय कुमार ने उक्त मांगों के लिए शासन से अपील किया है कि हमारी मांगें सांविधानिक है और मांगों को पूरा किया जाए। धरना प्रदर्शन में तहसीलदार गौतम, अवध राज, सुचित कुमार, संतोष कुमार, ज्ञानेंद्र प्रताप, मनोज कुमार, रवि भूषण, राजेश कुमार, अशोक कुमार राणा, प्रेम कुमार यादव, अनिल कुमार यादव, तबरेज आलम, मोहम्मद आसिफ, धर्मजीत भास्कर, सत्यप्रकाश सरोज, सीमा राज, मंजू देवी उपस्थित रहीं।