किसी देश की तरक्की तभी संभव है जब उस देश में बालिकाएं शिक्षित हो। अभिभावकों को लड़कों के साथ-साथ लड़कियों की पढ़ाई में बराबर का ध्यान देना चाहिए।
जब बालिकाएं शिक्षित होगी तो देश के तरक्की का रास्ता साफ होता जाएगा। उक्त बातें मंगलवार को प्रो. रामनाथ पाण्डेय महिला महाविद्यालय में आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह पूर्व मंत्री और अध्यक्ष सुभाष पाण्डेय ने कही।
उन्होंने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ उच्च शिक्षा दिया जाना चाहिए। बहुत से ऐसे अभिभावक जो बाहर अपनी बेटियो को पढ़ाई के लिए नही भेज पाते थे अब वह कमी दूर हो गयी है अब किसी अभिभावक को अपनी बेटियो को पढाने के लिए बाहर नही भेजना पड़ेगा।
कहा कि किसी गरीब की बेटी अब पैसा न होने के कारण पढ़ाई अधूरी नहीं रह जाएगी। यदि वह पढ़ना चाहती है तो उसे पढ़ाने में धन की कमी आड़े नही आएगी।
उन्होने कहा कि समाज के सभी लोगांें को दायित्व है कि वह बालिकाओं की शिक्ष्ाा को आगे आएं। इससे पहले कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर की गई।
महाविद्यालय की छात्राओं ने राजस्थानी झूमर नृत्य, भजन, कौवाली, एकल नृत्य, लोकगीत, कत्थक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शको का मनमोह लिया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाली शिखा पाण्डेय, अनीता मौर्या, अंकिता सिंह सहित 135 छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
अध्यक्षता डा. शिवप्रकाश मिश्रा एंव संचालन डा. रंजना त्रिपाठी ने किया। इस दौरान पूर्व डीआईजी बद्रीप्रसाद सिंह, लालजी त्रिपाठी, गिरिश त्रिपाठी रहे।