विश्व पर्यावरण दिवस पर रविवार को जगह-जगह सभा और गोष्ठी का आयोजन कर सभी को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में छात्रों ने पौधरोपण करके पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पेड़ों का कटान रोकने और प्रदूषण के प्रति जागरूक होने की अपील की।
प्रो. वीके सिंह ने कहा कि सभी को पर्यावरण संरक्षण के बारे में सोचना होगा। पौधरोपण के साथ उसके संरक्षण की जिम्मेदारी लेनी होगी। डा. विवेक कुमार पाण्डेय ने कहा कि अगर इसी तरह से वृक्ष का कटान होता रहा तो पर्यावरण को संरक्षित कर पाना मुश्किल हो जाएगा।
पारिस्थितिकी का असली संरक्षक गांव हैं। वन गांव की धरोहर है। बदलती पारिस्थितिकी का सारा दोष उस विकास का है जिसकी सभ्यता शहरों में पनपती है। पौधरोपड़ एवं पौध सरंक्षण, जल संरक्षण, ईको फ्रेंडली, वाहन, यूज आफ बायो फर्टिलाइजर, प्लास्टिक का उपयोग कम करने, इलेक्ट्रिसिटी को सेव करके किया जा सकता है।
इस अवसर नीरज, कुमार, प्रियंका, देवेश, रश्मि, पारुल, निशा आदि थी। उधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शुलभ श्रीवास्तव के नेतृत्व में पर्यावरण दिवस पर तुलसी का पौधा वितरित किया गया। सभी को पर्यावरण के लिए जागरूक किया।
इस मौके पर अतुल पांडेय, ओम पांडेय, अंकित, वैभव, रिषिकेश, सूरज, प्रतीक, हर्षित, शीलनिधि, अवकाश, सुमित, रमेश, रमेश, सचिन आदि थे। एक गोष्ठी में डा. ब्रजेश यदुवंशी ने कहा कि भारतीय संविधान में पर्यावरण की सुरक्षा वनों व वन्य जीवों से प्रेम को नागरिकों के मौलिक कर्तव्य की में शामिल किया गया है।
इसके अलावा प्रणविजय सिंह, अनिल मिश्र, अजीत राज ने विचार व्यक्त किया। तिलकधारी महिला महाविद्यालय परिसर में पौधरोपण के बाद का आयोजन किया गया। दीपक सिंह, गार्गी सिंह, सुशील, सौरभ, अंकित, राजेंद्र ने विचार व्यक्त किया।
राजा श्रीकृष्ण दत्त पीजी कालेज में गोष्ठी में प्राचार्य डा. एसपी ओझा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी को मिल कर काम करने की जरूरत है। पूविवि के प्रबंध अध्ययन संकाय के विभागाध्यक्ष डा. अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि पेंड़ो की कटाई पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की जरूरत है।
इस मौके पर डा. विजय तिवारी, डा. संतोष कुमार पांडेय, डा. ओपी दुबे, डा. जीके द्विवेदी, डा. जेपी शुक्ला, डा. मनोज तिवारी आदि मौजूद थे। जेसीआई की ओर से मेघना रस्तोगी की अध्यक्षता में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिया। इस मौके पर इंद्रा, सोना, सुधा, एकता, नीतू, चारू, कल्पना, संगीता, प्रतिभा, आदि मौजूद थी।