नया शिक्षण सत्र शुरू हो चुका है। लेकिन परिषदीय विद्यालयों में छात्रों को मुफ्त में मिलने वाली किताबें अभी नहीं आई हैं। लिहाजा नए सत्र में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पुरानी किताबों से पढ़ाई करनी होगी।
किताबों की आपूर्ति में देरी का अनुमान पहले से ही होने के कारण छात्रों से पुरानी किताबें जमा करा ली गई हैं। इसके लिए शासन से ही निर्देश दिया गया है। नई किताबों के लिए छात्रों को अभी लंबा इंतजार करना होगा।
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण का नया सत्र शुरू कर दिया गया। स्कूल चलो अभियान की शुरूआत भी हो गई लेकिन पढ़ाई कैसे होगी, इसकी व्यवस्था नहीं की गई हैं। नई कक्षा में प्रवेश पाने वाले छात्रों को पुरानी किताब से पढ़ाने की वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देश दिया गया
है कि वे अध्यापकों के माध्यम से छात्रों से पुरानी किताबें जमा करवा लें। इस निर्देश के तहत तमाम विद्यालयों मे किताबें जमा भी करा ली गई हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो नई किताबों के लिए छात्रों को अभी जुलाई तक इंतजार करना पड़ सकता है।
जिलेभर में प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूलों में पढ़ाई करने वाले 3.55 लाख छात्रों को किताब की आपूर्ति की जानी है। इसमें जूनियर हाईस्कूल के 89 हजार छात्र हैं जबकि कक्षा एक से पांचवीं तक के 2.66 लाख छात्रों को किताब की आपूर्ति की जानी है।