जौनपुर। लॉकडाउन के चलते एमडीएम योजना का संचालन भले ही ठप रहा, लेकिन इस अवधि में दोपहर के भोजन से वंचित छात्रों को उनके हिस्से का खाद्यान्न और कनवर्जन कास्ट की धनराशि का उन्हें भुगतान किया जाएगा। छात्रों के हिस्से का खाद्यान्न उन्हें गांव के सरकारी राशन की दुकान से दिया जाएगा जबकि कनवर्जन कास्ट का पैसा छात्रों के अभिभावकों के खाते में भुगतान किया जाएगा। इसके लिए जिले के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश जारी कर छात्रों के अभिभाकों का बैंक खाता संख्या, आधार नंबर आदि की जानकारी जुटाने को कहा गया है। फिलहाल अभी जून महीने तक कुल 76 दिन का खाद्यान्न और पैसा उन्हें दिया जाएगा। प्राइमरी के छात्रों को 374 रुपये और 7.600 किलो खाद्यान्न एवं जूनियर हाईस्कूल के छात्रों को 11.400 किलो खाद्यान्न एवं 561 रुपये नकद की दर से भुगतान किया जाएगा।
अपर सचिव उत्तर प्रदेश शासन रेणुका कुमार और महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरणनंदा का पत्र आते ही डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बीएसए को निर्देश जारी किया है। डीएम का निर्देश मिलते ही बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से जिले के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को अभिभाकों का बैंक खाता संख्या एकत्र करने को कहा है। परिषदीय और सहायता प्राप्त समेत कुल 3583 में एमडीएम योजना का संचालन होता है। इन विद्याल यों में कुूल चार लाख छात्र हैं। इनमें 2416 प्राथमिक विद्यालय और 878 जूनियर हाईस्कूल हैं। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि एमडीएम का पैसा पहले की तरह प्रधानाध्यापक और ग्राम प्रधान के संयुक्त खाते में भेजा जाएगा। वहां से प्रधानाध्यापक सभी बच्चों के अभिभावकों के खाता संख्या के साथ एक एडवाइज बैंक को उपलब्ध कराएंगे। जहां से संबंधित के खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा।