फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोस्टर से ही खुले बाजार, अनलॉक में हुआ गुलजार

विज्ञापन
17- अपरान्ह 3.30 बजे चहारसू चौराहे पर लगा जाम। - फोटो : JAUNPUR
विज्ञापन
रोस्टर से ही खुले बाजार, अनलॉक में हुआ गुलजार
विज्ञापन

- 68 दिनों बाद बदलावों के साथ शुरू हुई सामाजिक व व्यावसायिक गतिविधियां
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। लॉकडाउन के कारण 68 दिनों से बंद चल रही विभिन्न गतिविधियां सोमवार से आरंभ तो हुई, लेकिन पहले दिन छूट का ज्यादा असर नहीं दिखा। सहूलियतों की पर्याप्त जानकारी न होने और जिला प्रशासन के स्तर से कोई निर्देश न आने के कारण लोग असमंजस में रहे।
रेलवे स्टेशन पर शाम तक कोई ट्रेन नहीं आई थी, जिससे यहां सन्नाटा ही पसरा रहा। रोडवेज डिपो से बसों का संचालन आरंभ हुआ तो कई दिनों से यहां रुके लोग अपनी मंजिल तक जाने के लिए बेकरार दिखे। सरकारी कार्यालयों में अफसर-कर्मचारी तो समय से मौजूद हुए, मगर फरियादी इक्का-दुक्का ही पहुंचे। बाजार में फल, सब्जी, दवा, किराना के अलावा कपड़ा, आभूषण, इलेक्ट्रानिक, सौंदर्य प्रसाधन, बर्तन, फर्नीचर की दुकानें अपने रोस्टर के अनुसार खुलीं। इसके चलते बाजारों में भीड़ बनी रही। कई बार जाम की भी स्थिति बनी। इस दौरान हर तरफ मास्क, हैंड सैनिटाइजर सहित कोरोना से बचने के अन्य निर्देशों के पालन को भी दुकानदार और ग्राहक सजग रहे। ब्यूटी पार्लर, सैलून खोलने का कोई निर्देश जिला प्रशासन की ओर से न होने के कारण इनके शटर अन्य दिनों की तरह ही बंद रहे। संचालक बार-बार प्रशासन के नए फैसले की जानकारी पाने को परेशान नजर आए। कुल मिलाकर अनलॉक के पहले दिन काफी हद तक जिंदगी की गाड़ी पटरी पर लौटती दिखी। लोग आशान्वित थे कि अब जल्द ही सब कुछ पहले ही तरह सामान्य हो सकेगा।
विज्ञापन

---
सड़कों पर ट्रैफिक, जाम हुआ शहर
- प्रमुख बाजारों में वाहनों की भीड़ से बार-बार लगता रहा जाम
- फिर से पटरियों पर वाहनों का कब्जा, सिकुड़ी दिखी सड़क
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। शहर की व्यस्तता का अंदाजा यहां के ट्रैफिक के हाल से ही पता चल जाता है। तंग सड़कों पर वाहनों की भीड़ बढ़ती है तो शहर रेंगने लगता है। सोमवार को भी शहर का ऐसा ही हाल रहा। बाजार पुरानी रंगत में दौड़ता नजर आया। पॉलीटेक्निक चौराहे से रुहट्टा, ओलंदगंज, सरायपोख्ता, कसेरी बाजार, चहारसू से कोतवाली, पुरानी और फिर सब्जी मंडी सहित अन्य इलाकों में वाहनों की भीड़ रही। दोपहर की धूप के बावजूद सड़कों पर कई बार जाम की स्थिति बन गई। ट्रैफिक के जवान जगह-जगह सड़क के बीच खड़े होकर वाहनों को सही दिशा में चलने का निर्देश देते रहे। ट्रैफिक के कारण ही ओलंदगंज में एकल दिशा मार्ग की पुरानी व्यवस्था को लागू करना पड़ा। ओलंदगंज, चहारसू और जेसीज चौराहा इलाके में सड़क की पटरियां वाहनों की पार्किंग से पूरी तरह पैक थी। ओलंदगंज, चहारसू और कोतवाली चौराहे पर भीड़ के कारण कई बार सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती दिखी। भीड़ का ऐसा ही हाल सब्जी मंडी इलाके में भी रहा। ट्रैफिक इंचार्ज चंदन राय गश्त के साथ आड़े-तिरछे खड़े वाहनों को दुरुस्त कराते नजर आए।
---
पहले नापा तापमान, फिर दुकान में इंट्री
- शहर के कई दुकानदारों ने की थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था
- हैंड सैनिटाइजर के इस्तेमाल के बाद ही कर रहे थे लेन-देन
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। अब साफ हो चुका है कि कोरोना का असर लंबे समय तक रहेगा। लिहाजा दुकानदारों ने भी इसके अनुरूप खुद को ढालना शुरू कर दिया है। अनलॉक के बाद खुली दुकानों पर कई जगह थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई थी। दुकानदारों की ओर से तैनात कर्मचारी ग्राहकों को गेट पर ही रोककर उनका तापमान चेक कर रहे थे। जांच के बाद उनका हाथ सैनिटाइज करा रहे थे, फिर उन्हें दुकान में प्रवेश दिया जा रहा था। लेन-देन के दौरान भी सतर्कता का पालन करते लोग दिखे। दुकानदारों के साथ कर्मचारियों ने मास्क लगाकर अपनी ड्यूटी की। दुकानदारों ने रस्सी से घेरेबंदी कर रखी है, जिससे कोई भी ग्राहक पास न आ सके। कुछ स्थानों पर बेपरवाही भी नजर आई। शारीरिक दूरी के मानक की अवहेलना कर सामान खरीदने की जल्दबाजी में वह एक-दूसरे चिपके रहे।
विज्ञापन

---
सौ के पार पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक
- स्थितियां सामान्य होने के पहले दिन ही खराब स्तर पर वातावरण
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद सड़कों पर वाहनों की बढ़ी भीड़ का असर हवा की गुणवत्ता पर भी दिखा है। अनलॉक के पहले दिन ही वायु गुणवत्ता सूचकांक सौ से पार हो गया, जबकि लॉकडाउन के दिनों में यह आंकड़ा लगातार सौ से नीचे ही रहा। कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा के मौसम वैज्ञानिक पंकज जायसवाल ने बताया कि सोमवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 110 रहा। यह हवा की गुणवत्ता का मध्यम स्तर है। यह सूचकांक सौ से नीचे होना ठीक माना जाता है। सौ से दो सौ के बीच एक्यूआई होने से अस्थमा, हृदयी रोग व सांस से जुड़ी अन्य शिकायतों वाले लोगों को दिक्कतें हो सकती हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें