09- पूविवि परिसर में आयोजित इंस्पायर साइंस कैम्प में छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते पंजाब विश्वव
- फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। वीर बहादुरसिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में इंस्पायर साइंस कैम्प के तीसरे दिन भौतिकी, जीव विज्ञान तथा भगर्भ विज्ञान पर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिया। विद्यार्थियों को ब्रह्मांड के गूढ रहस्य को बताया। गेंद को हवा में रोककर जडत्व और गुरुत्वाकर्षण को बताया।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के भूगर्भ विभाग के प्रो. बीपी सिंह ने विद्यार्थियों को भूगर्भ विज्ञान और उससे सम्बंधित विभिन्न जटिल प्राकृतिक घटनाओं की सरल भाषा मे समझाया। प्रतिभागियों को ब्रम्हांड के गूढ़ रहस्यों को समझाया. कहा कि भूकंप आने के दो कारण हैं ज्वालामुखी और पृथ्वी की प्लेटों का अपघर्षण होना। उन्होंने इंडियन प्लेट का उदाहरण देते हुए हुए कहा कि यह प्लेट पांच सेंटीमीटर की दर से उत्तरीय तरफ बढ़ रही है, जो कि हिमालयीय क्षेत्रों में आने वाले भूकंप का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि उद्योगों से कार्बन का उत्सर्जन पर्यावरण के लिए सबसे अधिक खतरनाक है। पर्यावरण के लिए समाज के हर व्यक्ति को संवेदनशील होना होगा।
पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के प्रो. मनमोहन सिंह ने विद्यार्थियों के बीच दैनिक जीवन में होने वाले विभिन्न घटनाओं को प्रयोगों के माध्यम से बहुत सरल भाषा में समझाया। प्रो. सिंह ने गुब्बारे को फूलाकर बरनौली सिद्धांत पर विद्यार्थियों को सरल ढंग से समझाया। उन्होंने बोतल में पानी डालकर लेजर लाइट के माध्यम से इंद्रधनुष के सिद्धांत को बताया। इसी तरह गेंद को हवा में रोककर जड़त्व, गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत को रोचकपूर्ण ढंग से बताया। केद्रीय विद्यालय, लखनऊ के शिक्षक सुशील कुमार ने विभिन्न जटिल जैविक प्रक्रियाओं को रोचक तरीके से प्रयोग करके दिखाया। दूसरे सत्र में छात्र- छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसरस्थित रसायन विभाग, रज्जू भइया संस्थान, विज्ञान संकाय, फार्मेसी संस्थान व इंजीनिरिंग संकाय कीविभिन्न प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया तथा विज्ञान के क्षेत्र विभिन्न विषयों में हो रहे शोध से भी परिचित हुए। प्रतिभाग कर रहे विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रयोगों कोविशेषज्ञों की उपस्थिति में खुद से करके देखा और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। आयोजन समिति के डा. मनीष गुप्ता ने बताया कि 30 जनवरी को भूगर्भ विभाग, रसायन विज्ञान के विशेषज्ञ अपनी बात को प्रायोगिक तरीके से रखेंगे।